फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेयर को धमकी, पांच लाख रुपये दो वरना जान खतरे में

Wed, 31 Aug 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ इलाहाबाद
विज्ञापन
crime
विज्ञापन
 पूर्व मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी की पत्नी मेयर अभिलाषा गुप्ता को महीने भर के भीतर फिर जान से मारने की धमकी मिली है। मंगलवार सुबह उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर एमएमएस भेजकर धमकी दी गई कि जान तीन सितंबर को एक ट्रक के पिछले टायर के पास काले बैग में पांच लाख रुपये नहीं रखे मिले तो उनकी जान खतरे में होगी। इस मैसेज से परेशान होकर मेयर अभिलाषा ने पुलिस अफसरों को जानकारी दी। रात में एसएसपी से मिलकर सुरक्षा का आग्रह किया। फिर मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज कराया गया।
विज्ञापन


मेयर अभिलाषा गुप्ता मंगलवार सुबह बहादुरगंज में सुलाकी चौराहा के निकट अपने निवास में थी तभी आठ बजकर 58 मिनट पर उनके सरकारी सीयूजी नंबर पर धमकी भरा एसएमएस आया। मैसेज में लिखा था-‘अपनी जान की सलामती चाहते हो तो पांच लाख रुपये तीन सितंबर को सुबह 3.30 बजे गति चौराहे के पास ट्रक 3482 के पिछले टायर के पास काले बैग में रख जाना वरना...।’ मेयर ने इस धमकी भरे मैसेज के बारे में अपने पति पूर्व मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी और पुलिस अधिकारियों को दी। रात में एसएसपी जोगेंद्र कुमार से मिलकर मेयर ने उन्हें धमकी भरे मैसेज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कोतवाली पुलिस को जान से मारने की धमकी का केस लिखकर जांच क्राइम ब्रांच से कराने का निर्देश दिया। मेयर का कहना है कि उनके पति पर छह साल पहले रिमोट बम से हमले के बाद अब ऐसी धमकियां मिलने से उन्हें किसी साजिश की आशंका है। उन्हें कई बार आग्रह के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराई जा रही, जबकि उनके पति पर हमला हो चुका है। सिर्फ प्रोटोकॉल के तहत एक गनर है।

मेयर को इसी माह तीन अगस्त को फेसबुक पोस्ट पर कमेंट के जरिए एक युवक ने पति नंदी समेत जान से मारने की धमकी दी थी। मेयर ने एसएसपी से शिकायत की तो कोतवाली में केस लिखकर पुलिस ने धमकाने वाले युवक की तलाश शुरू की। उसे गाजियाबाद से पकड़कर लाया गया था। उसने पुलिस से कहा कि उसने यूं ही धमकी भरा कमेंट किया था। उसका कोई और इरादा नहीं था। मगर मेयर का कहना है कि पुलिस ने युवक की बात मानकर उसे जेल भेज दिया। उससे ठीक से पूछताछ भी नहीं की थी। उनके पति पूर्व मंत्री नंदी पर हमले का केस कोर्ट में चल रहा है। कुछ माह में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हो सकता है कि यह चुनाव और मुकदमे की पैरवी से उनके पति का ध्यान हटाने की साजिश हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें