मरियाडीह में अलकमा और सुरजीत की हत्या (ओनर किलिंग) में अलकमा के भाई आबिद खां समेत तीन लोगों को धूमनगंज थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन्होंने स्वीकार किया है कि दोनों की हत्या में उनका हाथ रहा है। एक साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में विरोधियों को नामजद किया गया था लेकिन जांच में ओनर किलिंग का खुलासा होने के बाद फरार हो गए थे। फरारी के दौरान नवाबगंज के मुबारकपुर गांव के प्रधान सुफियान के घर पर रहे। पुलिस ने इन अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप में मुबारकपुर के प्रधान को भी गिरफ्तार कर लिया है।
सीओ सिविल लाइंस श्रीशचंद्र ने बताया कि थाना धूमनगंज पुलिस ने दो दिन पहले मरियाडीह के प्रधान आबिद की बहन अलकमा और ड्राइवर सुरजीत की हत्या के आरोप में गिरफ्तार जुल्फिकार उर्फ तोता को रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान तोता ने आबिद समेत कई अपराधियों के ठिकाने बताए थे। उन्हीं में से आबिद प्रधान को गिरफ्तार करने के लिए मुबारकपुर के कछार इलाके में दबिश दी गई। वहां से आबिद प्रधान और उसके चचेरे भाई आसिफ तथा फरहान को दबोच लिया। इन तीनों के पास से एक दो नाली बंदूक, एक रायफल और दो कट्टा तथा एक सौ से अधिक कारतूस बरामद किए हैं। इनको संरक्षण देने वाले मुबारक पुर के प्रधान ुसूफियान को उसके घर से कट्टा सहित गिरफ्तार किया है। इनके साथ पांच और संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं। इनके आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में जो भी स्थिति मिलेगी उसके अनुसार कार्रवाई होगी। वहीं दूसरी ओर धूमनगंज थाने की पुलिस ने जुल्फिकार उर्फ तोता को दो दिन की रिमांड के बाद देर शाम जेल में दाखिल कर दिया।
मरियाडीह के प्रधान आबिद सहित नौ लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही इनके परिवार की करीब 40-50 महिलाएं शनिवार की सुबह आईजी रेंज कार्यालय पहुंच गई। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि पुलिस उनकी हत्या कर सकती है। उन्हें गलत फंसाया जा रहा है, हम चाहते हैं कि पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई करके जेल भेज दें।