झूंसी (इलाहाबाद)। दंपति और तीन बेटों समेत पांच लोगों की ट्रेन से कटकर मौत में पुलिस की जांच अब आत्महत्या और कत्ल में उलझ गई है। कत्ल में नामजद कटका गांव के पूर्व प्रधान समेत सभी पांच आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस ने छापेमारी की तो घर में केवल महिलाएं और बच्चे मिले। पुलिस ने ट्रेन ड्राइवर और परिचालक का बयान लेने की कोशिश की मगर वे अभी पुलिस को उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इस बीच मंगलवार को मृतक के भाई ने फूलपुर सांसद से कहा कि उसे धमकी दी जा रही है। ऐसे में परिवार की सुरक्षा के लिए मकान पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
त्रिवेणीपुरम कॉलोनी गेट के पास टीनशेड की झोपड़ी बनाकर रहने वाले राजेश साहू, उसकी पत्नी गीता और तीन बेटों की रविवार दोपहर अंदावा ओवरब्रिज के नीचे ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। मौके पर कुछ दोने भी मिले थे। तब पुलिस ने यह माना कि राजेश ने पत्नी-बेटों के साथ बेहोशी की दवा मिलाकर छोला-समोसा खाया फिर रेलवे ट्रैक पर लेट गए। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट करने वाले डॉक्टरों को जहर के लक्षण भी नहीं मिले। शवों से विसरा नहीं सुरक्षित रखने से लैब में जांच भी नहीं हो सकती। प्राथमिक जांच में पुलिस और एसडीएम फूलपुर को जानकारी मिली थी कि राजेश ने अपने दो मकान बेच डाले थे तब भी वह कर्ज में डूबा था। उसके जेब में मिली पर्चियों से भी कर्ज की बात साबित हो गई थी।
मगर छोटे भाई राकेश साहू ने सोमवार को कटका गांव के पूर्व प्रधान राजितराम यादव, उसके पिता हीरालाल, भाई रमेश, नीरज, मनोज पर कत्ल का मुकदमा दर्ज करा दिया। उसका आरोप है कि 20 हजार रुपये उधार के बदले पांच लाख रुपये मांग रहे राजितराम ने कई बार राजेश को प्रताड़ित किया था। घटना से एक रोज पहले शनिवार शाम राजेश और गीता को राजितराम के परिवार ने बंधक बना जलील किया। इसके बाद उन्हें मारकर रेलवे ट्रैक पर डाल दिया था। पुलिस को अब आत्महत्या और हत्या की पहेली को सुलझाने के लिए तमाम जांच करनी पड़ रही है। पुलिस ने आरोपी राजितराम समेत पांच आरोपियों को पकड़ने के लिए छापा मारा मगर कोई भी मिला नहीं।
सभी आरोपी घर से भागे हुए हैं। इस बीच मंगलवार शाम फूलपुर के भाजपा सांसद केशव प्रसाद मौर्या भी मृतक राजेश के भाई राकेश के घर पहुंचे। उन्हें दिलासा दी और कहा कि पुलिस अफसरों से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए कहा गया है। राकेश ने सांसद से कहा कि उसे एफआईआर लिखाने के बाद से धमकी मिल रही है। पहले से ही दुखी परिवार के लोग धमकियों की वजह से दहशत में है। सांसद ने इस धमकी के बारे में अफसरों से बात की तो राकेश के मकान पर झूंसी थाने से दो सिपाहियों की तैनाती कर दी गई।
पांच लोगों की मौत की इस घटना में पुलिस के लिए सिकंदराबाद-पटना ट्रेन के ड्राइवर ध्रुव पांडेय तथा सह चालक का बयान अहम है। इंस्पेक्टर झूंसी आरडी यादव के मुताबिक, अभी बयान नहीं जा सका है। अलबत्ता, यह पता चला है कि घटनास्थल से आगे जाकर ड्राइवर ध्रुव ने रामनाथपुर स्टेशन पर ड्यूटी पर मौजूद अधीक्षक से कहा था कि उसने चार सौ मीटर पहले ही कई लोगों को पटरी पर लेटा देखा तो लगातार हार्न बजाया लेकिन कोई हटा नहीं। अब पुलिस को पता चला है कि ड्राइवर ने वाराणसी जाकर कैंट स्टेशन पर इस घटना के बारे में रिपोर्ट दी है। उस रिपोर्ट को पुलिस हासिल करने के प्रयास में है। ड्राइवर और सह चालक के बयान से पुलिस को इस घटना की पहेली सुलझाने में मदद मिलेगी।
राजेश साहू के भाई राकेश ने कटका के पूर्व प्रधान राजितराम समेत पांच लोगो पर कत्ल का मुकदमा लिखाया है जबकि पुलिस ने इसे आत्महत्या माना है। जांच में पुलिस को कई लोग ऐसे मिले जिन्होंने राजेश, उसकी पत्नी और बेटों को घटना से कुछ समय पहले देखने की बात कही है। यह बात भी सामने आई है कि राजेश ने सूदखोर परिवार के चंगुल से छूटने के बाद अपना मोबाइल फोन दो सौ रुपये में गिरवी रखा था।
झूंसी में राजेश साहू की पत्नी और तीन बेटों समेत मौत की घटना से साहू समाज में नाराजगी है। साहू एकता मंच के अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद साहू, रामलोचन साहू, अजय साहू, मक्खनलाल साहू, मदनलाल साहू, शंकरलाल साहू, नरेंद्र साहू, रामबहादुर गुप्ता आदि ने मृतक राजेश साहू के भाई राकेश के घर जाकर घटना पर दुख जताया। साथ ही राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही।