इलाहाबाद। कौंधियारा इलाके के बरेठिया गांव में मंगलवार भोर में मोबाइल शॉप में चोरी के इरादे से घुसे युवक की पिटाई से मौत की घटना में पुलिस पर गाज गिरी है। एसपी यमुनापार की जांच के बाद कौंधियारा के इंस्पेक्टर राजेेश कुमार और दो सिपाहियों रामराज तथा कमलेश्वर को निलंबित कर दिया गया। जांच में आया कि पिटाई से घायल युवक को अस्पताल में भर्ती करने की बजाय उसे थाने ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। इस घटना में मृतक के भाई की तरफ से कौंधियारा थाने में तीन लोगों को नामजद कर गैर इरादतन हत्या और दलित उत्पीड़न का केस लिखा गया है।
बरेठिया गांव में रहने वाले संतोष बिंद की मोबाइल शॉप में मंगलवार भोर में ताला तोड़कर घुसे चोर को लोगों ने इस कदर पीटा कि वह मरणासन्न हो गया। खबर पाकर पहुंचे जारी चौकी के दो सिपाही उसे स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां चेकअप कराने के बाद कौंधियारा थाना प्रभारी राजेश कुमार युवक को थाने ले गए। गंभीर रूप से घायल युवक ने अपना नाम सौतम कुमार और पता शहर में पीपल गांव धूमनगंज बताया।
सौतम ने दोपहर बाद दम तोड़ दिया तो पुलिस ने पंचनामा भरकर लाश चीरघर भेजी। सौतम के परिजनों ने पुलिस पर भी पिटाई का आरोप लगाया है। कौंधियारा पुलिस अपनी करतूत में फंस भी गई। गंभीर घायल युवक को पुलिसवाले जबरन सीएचसी से थाने ले गए जबकि उसकी हालत नाजुक बनी थी। एसएसपी ने घटना की जांच एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र को सौंपी। एसपी यमुनापार को जांच में कौंधियारा थाना प्रभारी राजेश कुमार और जारी चौकी के दो सिपाहियों रामराज और कमलेश्वर की भूमिका बेहद लापरवाह मिली।
उन्होंने युवक को पीटा भले नहीं लेकिन उसे अस्पताल की बजाय थाने ले जाना ही गंभीर लापरवाही रही। उन तीनों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया। मृतक सौतम के भाई गौतम की तहरीर पर कौंधियारा थाने में मोबाइल शॉप मालिक संतोष बिंद समेत सुशील और पवन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और एससी-एसटी एक्त के तहत एफआईआर लिखकर जांच हो रही है।