इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने 17 साल पुराने विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड के ट्रायल पर लगी रोक हटा ली है। कोर्ट ने हत्याकांड के तीन अभियुक्तों एमएलसी सूरजभान करवरिया, पूर्व बसपा सांसद कपिल मुनि करवरिया और रामचंद्र उर्फ कल्लू की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल आठ माह में पूरा करने का निर्देश दिया है। इस आदेश से तीनों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है जबकि इसी मामले में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया पहले से जेल में बंद हैं। कोर्ट ने हत्याकांड की जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने की याचिका भी खारिज कर दी है। इन याचिकाओं पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने एक साथ सुनवाई की।
प्रदेश सरकार की ओर से नियुक्त विशेष अधिवक्ता स्वाती अग्रवाल के मुताबिक अगस्त 1996 में पूर्व विधायक जवाहर पंडित की सिविल लाइंस में अत्याधुनिक हथियारों से गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, एमएलसी सूरजभान करवरिया, पूर्व बसपा सांसद कपिलमुनि करवरिया और रामचंद्र उर्फ कल्लू को नामजद किया गया था। सूरजभान, कपिलमुनि और रामचंद्र ने वर्ष 2004 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट ने अंतरिम आदेश के आदेश मुकदमे के ट्रायल पर रोक लगा दी थी। याचिका लंबित थी।
इस दौरान उदयभान करवरिया ने एक याचिका दाखिल कर हत्याकांड की जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग की। दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से स्वाती अग्रवाल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि घटना की तीन बार सीबीसीआईडी द्वारा जांच कराई जा चुकी है। इलाहाबाद, लखनऊ और वाराणसी की शाखा ने अभियुक्तों की मांग पर जांच की है। सीबीसीआईडी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। घटना अपने समय की बीभत्स घटनाओें में हैं। स्वचालित हथियार एके 47 का इस्तेमाल किया गया था। तीन लोगों की जान गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद याचिकाएं खारिज कर दी। स्थगन आदेश समाप्त होने से आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता भी साफ हो गया है।
जवाहर पंडित हत्याकांड में नामजद पूर्व विधायक उदयभान करवरिया को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश नहीं मिला था। सूरजभान आदि द्वारा दाखिल याचिका में उनका नाम शामिल नहीं था। उन्होंने बाद में अलग से 2006 में अर्जी दाखिल की जो खारिज हो गई। उदयभान ने एक जनवरी 2014 को अदालत में सरेंडर किया था। इस समय वह जेल में हैं। उनकी जमानत अर्जी सेशनकोर्ट और हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है।