नैनी जेल गेट पर पांच जून को हुए डबल मर्डर के दो आरोपियों शैलेंद्र यादव उर्फ लाडे तथा राजू पहलवान ने पुलिस को चकमा देकर मंगलवार दोपहर जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। पुलिस को उनके समर्पण के इरादे की पहले से जानकारी थी लेकिन उन्हें पकड़ने में नाकाम रही। इन्हीं दोनों ने खून का बदला खून से लेने के लिए हत्याकांड की साजिश रची थी। उन्हें न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
पांच जून रविवार को नैनी जेल में बंद हत्या के सजायाफ्ता कैदी चंद्रभान यादव से मिलकर लौट रहे उसके बेेटे ज्ञानचंद्र और करीबियों की दो सफारी पर गेट के पास ही ताबड़तोड़ फायरिंग और बमबाजी की गई थी। हमले में ज्ञानचंद्र और लालता प्रसाद की जान चली गई। पांच लोग घायल हुए। तीसरे रोज झूंसी में काफी बवाल हुआ। हत्याकांड में नौ लोगों को नामजद किया गया जिसमें पुलिस ने सपा नेता अशोक यादव और बहरिया ब्लाक प्रमुख चंद्रजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिर पुलिस ने शूटर सज्जू खान और अख्तर कटरा को गिरफ्तार कर दावा किया कि यह हत्याकांड शेरडीह गांव के पूर्व प्रधान शैलेंद्र यादव उर्फ लाडे ने अपने दो भाइयों के कत्ल का बदला लेने की खातिर अंजाम दिलाया। उसके भाई योगेंद्र यादव उर्फ बच्चा तथा धमेंद्र के कत्ल में ही चंद्रभान यादव जेल में है। उसके बेटे भी हत्या में आरोपी हैं। शैलेंद्र के कहने पर छोटा राजन गिरोह में शामिल रहे नैका महीन गांव झूंसी के राजू यादव उर्फ राजू पहलवान ने 15 लाख रुपये में चंद्रभान के बेटों ज्ञानचंद्र और संतोष के कत्ल की सुपारी दी थी। पुलिस की छापेमारी के बीच सात जून को शैलेंद्र और राजू पहलवान ने सीजेेेएम कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दी। पुलिस को पता चला तो वह कचहरी के आसपास सतर्क हो गई। इसके बावजूद मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे वकील शशिरिष श्रीवास्तव के जरिए शैलेंद्र और राजू कोर्ट में हाजिर हो गए। नैनी थाने का पैरोकार सुबह से ही थाने में बैठा था। भनक लगते ही नैनी पुलिस पहुंची लेकिन तब तक दोनों आरोपियों का सरेंडर हो चुका था। अदालत ने उन दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी जेल भेज दिया। अब नैनी जेल गेट दोहरे हत्याकांड का विवेचक जेल में उन दोनों को बयान लेगा।