फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हवन सामग्री गंगा में डालने गई प्रधानाध्यापिका डूबी

Sun, 26 Jun 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
धूमनगंज के मुंडेरा घाट पर शुक्रवार को गंगा में हवन सामग्री डालने गईं प्रधानाध्यापिका की गंगा में डूबकर मौत हो गई। घंटों बाद भी जब प्रधानाध्यापिका घर नहीं पहुंचीं तो उनकी तलाश होने लगी। जब वह नहीं मिलीं तो घरवालों ने धूमनगंज थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। शनिवार सुबह मुंडेरा घाट पर श्रद्धालु नहाने गए तो महिला का शव उतराते देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया। शव मिलने की सूचना पर महिला के घरवाले पहुंचे और फोटो से शिनाख्त की। 
विज्ञापन


मूलरूप से बलिया की निवासी अर्चना सिंह (42) करछना स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं। वह तेरह साल के बेटे और दस साल की बेटी के साथ चौफटका के पास अंबेडकर विहार कॉलोनी में रहती थीं। उनका मायका पोंगहट पुल के पास कृष्णापुरी कॉलोनी में है। स्कूल में छुट्टी होने के चलते दस दिन से वह बच्चों के साथ मायके में पिता गगन सिंह के पास रहने चली गईं। तीन दिन पहले मायके में पूजा थी। शुक्रवार दोपहर अर्चना हवन सामग्री गंगा में डालने के लिए निकलीं। काफी देर बाद भी घर नहीं पहुंची। उनका मोबाइल फोन भी नहीं लग रहा था। परेशान घरवाले उन्हें खोजने निकले। मुंडेरा घाट, संगम किनारे जाकर घरवालों ने अर्चना की तलाश की।

नहीं मिलने पर घरवाले धूमनगंज थाने पहुंचे और गुमशुदगी की तहरीर दी। शनिवार सुबह मुंडेरा घाट पर पहुंचे लोगों ने महिला का शव उतराते देख तो पुलिस को सूचना दी। शव मिलने खबर अर्चना के घरवालों को पता चली तो थाने पहुंचे। शव की फोटो देखकर उन्होंने शिनाख्त की। आशंका है कि हवन सामग्री गंगा में डालते समय अर्चना का पैर फिसल गया होगा और वह गहरे में पानी चली गईं होंगी। अर्चना की मौत से उनके बेटे-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। 
विज्ञापन


प्रधानाध्यापिका अर्चना सिंह के पति आलोक कुमार ग्राम विकास अधिकारी थे। उनकी मौत भी तीन महीने पहले हुई थी। पहले पिता और फिर मां की मौत से बेटे और बेटियों का बुरा हाल है। मार्च महीने में ग्राम विकास अधिकारी आलोक कुमार की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई थी। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें