शहर में बृहस्पतिवार को बीए की दो छात्राओं ने आत्महत्या कर ली। मीरापुर इलाके में अपने मामी-मामा के साथ रहने वाली बीए की छात्रा ने सुबह सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली जबकि कालिंदीपुरम कॉलोनी में बीए की छात्रा ने दोपहर बाद आत्महत्या की। दोनों ही घटना में अलग वजह सामने आई है। परिवार के लोगों से घटना के बारे में पूछताछ के बाद पुलिस ने शवों को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
पहली घटना मीरापुर की है। मेघना साहा उर्फ गुल्लू (19) लखनऊ की रहने वाली थी। उसका पिता सत्यनारायण और मां का निधन हो चुका है। वह भाई ऋषि के साथ कई साल से ननिहाल में थी। उसने बड़े मामा के साथ रेणुकूट में रहकर पढ़ाई की। फिर यहां मीरापुर के अमरूद की बगिया में रहने वाले दूसरे मामा काजल साहा के पास आ गई। वह एसएस खन्ना डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। भाई ऋषि टैगोर पब्लिक स्कूल में पढ़ाई करता है। मामी ज्योति भी इसी स्कूल में टीचर हैं।
उनका बेटा गौरांग भी वहीं पढ़ता है। बृहस्पतिवार सुबह मामी के साथ उनका बेटा और मेघना का भाई ऋषि भी स्कूल चला गया। मामा काजल साहा का कहना है कि वह दूध लेने चले गए। करीब आठ बजे घर लौटे तो कमरे का दरवाजा खोलने पर मेघना दुपट्टे के फंदे से लटकी दिखी। यह देख वह सन्न रह गए। पड़ोसियों को बताया। अतरसुइया थाने की पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शव को फंदे से उतारा। मामा ने बताया कि उन्होंने मेघना को सुबह डांटा था। मगर ऐसी कल्पना नहीं की थी कि वह ऐसा घातक कदम उठा सकती है।
उधर, कालिंदीपुरम कॉलोनी के ओमप्रकाश सभासद मार्ग पर रहने वाले रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी मोहनलाल की बेटी सुजाता (22) ने भी गुरुवार दोपहर बाद आत्महत्या कर ली। वह दो बहनों में छोटी थी। एक भाई सूरज है जो रेलवे में कर्मचारी है। मेघना बीए दूसरे साल की छात्रा थी। परिजनों ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे वह मकान के दूसरे तल पर अपने कमरे में चली गई थी। माता-पिता निचले हिस्से में थे। शाम करीब पांच बजे मां सुजाता को बुलाने गई तो वह फांसी पर लटकी दिखी। परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची। शव को फंदे से उतारकर पुलिस ने सील किया। परिवार के लोगों ने कहा कि सुजाता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। शायद यही उसकी खुदकुशी का कारण बना।
मीरापुर में मामा के घर फांसी लगाकर दुनिया को अलविदा कहने वाली बीए की छात्रा मेघना ने सुसाइड नोट लिखकर छोड़ा था। पुलिस को कमरे में सुसाइड नोट मिला। उसमें बड़े अक्षरों में लिखा था-सॉरी मामा मामी। नीचे उसने अपना उपनाम लिखा था गुल्लू। उसकी खुदकुशी ने भाई ऋषि को सदमे में डाल दिया। माता-पिता के निधन के बाद बहन ही उसके लिए सब कुछ थी मगर वह भी छोड़कर चली गई। मुहल्ले वाले भी हतप्रभ हैं। पता चला है कि मेघना सुबह किसी से व्हाट्स एप पर बात कर रही थी तभी मामा ने देखा तो मोबाइल छीनकर फटकार लगा दी थी।