नैनी जेल गेट पर दोहरे कत्ल के बाद झूंसी में मंगलवार सुबह हुए बवाल के मामले में झूंसी इंस्पेक्टर पीएन मिश्र, एसआई अनिल राम, सिपाही अबूबकर और अमरेश सिंह को बुधवार रात एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। पिता की मौत पर छुट्टी गए इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी है। पूरे घटनाक्रम के दौरान छुट्टी पर रहे इंस्पेक्टर पर की गई कार्रवाई कितनी उचित है और कितनी गलत इस बारे में अफसर भी कुछ नहीं बोल रहे हैं।
नैनी जेल गेट पर रविवार शाम हुए खूनी खेल में दो लोगों की मौत हो गई थी। आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। मृतक ज्ञानचंद्र के परिजन जेल में बंद पिता चंद्रभान को एक दिन के पेरोल पर बेटे के अंत्येष्टि शामिल कराने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर मंगलवार को झूंसी में जमकर बवाल हुआ था। जिसमें एक आईपीएस समेत कई पुलिस वाले घायल हुए थे। ग्रामीणों ने सड़क पर जमकर उपद्रव काटा था। इस मामले में झूंसी पुलिस की लापरवाही सामने आई थी।
बुधवार रात एसएसपी जोगिंदर कुमार ने इंस्पेक्टर झूंसी पीएन मिश्र समेत चार लोगों को सस्पेंड कर दिया। जबकि इंस्पेक्टर झूंसी पीएन मिश्र के पिता का शनिवार रात निधन हो गया था। वह रविवार सुबह ही पिता की अंत्येष्टि में शामिल होने छुट्टी लेकर चले गए थे। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होकर वह बुधवार को लौटे थे। ऐसे में छुट्टी पर गए इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई पर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बारे में पुलिस अफसर भी कुछ बोलने से कतराते रहे।
एसओ शिवकुटी रहे विजय प्रताप को इंस्पेक्टर पीएन मिश्र की जगह झूंसी थानाध्यक्ष बनाए गए हैं। एसआई विजय प्रताप को महकमे में तेजतर्रार दरोगा के रूप में जाना जाता है। वहीं चौकी प्रभारी राजापुर रहे अरविंद त्रिवेदी को एसओ शिवकुटी का चार्ज दिया गया है।