बाई का बाग दुर्गा पूजा पार्क में हुए दोहरे हत्याकांड में तीन दिनों की जद्दोजहद के बाद शुक्रवार रात एक मृतक की शिनाख्त में पुलिस कामयाब हो गई। बेटों ने शव की शिनाख्त रिक्शा चालक पिता के रूप में की। हालांकि हत्या की वजह अब भी साफ नहीं हो सकी है। उधर क्राइम ब्रांच भी हाथ-पांव मारती रही लेकिन हत्यारों का कोई सुराग उसे हासिल नहीं हो सका।
कीडगंज के दुर्गा पूजा पार्क में चार जुलाई की सुबह दोहरे कत्ल की सूचना से जिले भर में हड़कंप मच गया था। पता चला था कि अधेड़ और युवक की गला रेतकर हत्या की गई थी। सूचना पर अफसर भी पहुंचे लेकिन पुलिस हत्यारों के बारे में कोई सुराग हासिल नहीं कर सकी। यहां तक कि पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पांच संदिग्ध भी नजर आ रहे थे जो रात में पार्क से निकलकर बाहर जाते दिख रहे थे। हालांकि पुलिस उनका पता नहीं लगा सकी। शुक्रवार देर रात पुलिस को उस वक्त कामयाबी मिली जब थाने पहुंचे दो युवकों ने मारे गए अधेड़े की शिनाख्त अपने पिता अशोक कुमार के रूप में की। उनका कहना था कि अशोक मूलत: गऊघाट मोहल्ले का रहने वाला था और इन दिनों कीडगंज नई बस्ती में रहकर रिक्शा चलाता था। हालांकि लंबे समय से वह घर से अलग रह रहा था। व्हाट्सएप पर फोटो वायरल होने के बाद उन्हें उसकी हत्या की जानकारी हुई। कीडगंज पुलिस देर रात तक उनसे पूछताछ में जुटी रही। पुलिस का कहना है कि दूसरे मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
मामले के खुलासे में क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है लेकिन शुक्रवार देर रात तक टीम धूल ही फांकती रही। दोपहर में क्राइम बांच की टीम पार्क पहुंची और आसपास के कई लोगों से पूछताछ की। हालांकि लंबी पूछताछ और जांच पड़ताल के बाद भी क्राइम ब्रांच कोई सुराग नहीं हासिल कर सकी। सूत्रों की मानें तो टीम ने देर रात पार्क जाकर वहां सोने वालों से पूछताछ करने का भी निर्णय लिया है। एएसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि संदिग्ध युवकों के अलावा जो लोग दूसरे फुटेज में दिख रहे हैं, उनमें से तमाम लोग पहचाने जा चुके हैं। उनसे पूछताछ भी हुई है लेकिन घटना के बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। इससे पहले कीडगंज पुलिस ने दिन में कई ट्रेनों में मृतकों के पोस्टर भी चस्पा किए।