इलाहाबाद। फरार बदमाश गदऊ पासी को दबोचने के लिए धूमनगंज इलाके में क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीम की सक्रियता के बीच बृहस्पतिवार सुबह इसी क्षेत्र में बदमाशों ने दवा कारोबारी दयाशंकर दुबे को सरेराह घायल कर एक लाख 28 हजार रुपये लूट लिए। आसपास के लोगों के जुटने तक में बाइक सवार तीनों बदमाश फरार हो गए। घायल कारोबारी को पुलिस चौकी ले जाकर शिकायत की गई तो पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग की लेकिन यह सांप गुजरने के बाद लकीर पीटने जैसा रहा। देर रात तक पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं जुटा सकी थी।
राजरूपपुर में शिवाजी मार्ग के पास रहने वाले दयाशंकर दुबे दवा व्यापारी हैं। लीडर रोड पर आस्था डिस्ट्रीब्यूटर्स नाम से उनकी दवा की होलसेल दुकान है। उनके पुत्र अजय दुबे ही अब कारोबार संभाल रहे हैं। रोज दिन भर की बिक्री की रकम रात में अजय घर लाकर पिता दयाशंकर को देते हैं तो वह दूसरे दिन सुबह राजरूपपुर में मुख्य मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक में जाकर जमा करते हैं। बृहस्पतिवार सुबह भी करीब साढ़े दस बजे बैग में एक लाख 28 हजार रुपये और चेकबुक रखकर दयाशंकर पैदल ही बैंक के लिए रवाना हुए। वह घर से कुछ दूर गए थे तभी बाइक सवार तीन बदमाश उनके बगल में आकर रुके।
बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने दयाशंकर के कंधे पर लटके बैग को छीनने की कोशिश की मगर उन्होंने तगड़ा प्रतिरोध किया जिसके चलते बदमाश बाइक से सड़क पर गिर गया। बुजुर्ग दयाशंकर ने बदमाश पर घूंसे बरसाते हुए बैग लुटने से बचाने की कोशिश की। उस बदमाश ने दयाशंकर की नाक पर घूंसा मारा जिससे खून बहने लगा। फिर दूसरे बदमाश ने उनके सिर पर पीछे तमंचे की मुठिया मारी, जिससे वह लहलुहान हो गए। इसके बाद बैग छीनकर बदमाश बाइक पर भाग निकले। इस बीच कई राहगीर और आसपास के लोग वहां जुट गए।
दुकान के लिए रवाना हुए उनके बेटे अजय दुबे को फोन से खबर मिली तो वह रास्ते से लौट आए। अजय घायल पिता को राजरूपपुर पुलिस चौकी लेकर पहुंचे तो लूट और हमले की खबर पाकर धूमनगंज थाना प्रभारी एमएस देव वहां आ गए। दयाशंकर ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की बाइक काले रंग की थी। वे नकाबपोश नहीं थे। लूट की तहरीर लेने के बाद दयाशंकर को इलाज की खातिर भेजा गया। पुलिस का अनुमान है कि वारदात में शामिल बदमाशों को कहीं से पता चला होगा कि दयाशंकर रोज सुबह पैसे जमा करने पैदल बैंक जाते हैं।