वकील की जिला अदालत में हत्या के आरोपी दरोगा शैलेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को शहर में शांति रही। माह का दूसरा शनिवार होने के नाते अदालतें बंद थीं तो आंदोलनकारी वकील भी सड़क पर नहीं उतरे। तीन दिन के बवाल के बाद माहौल ठंडा रहने से पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
11 मार्च को जिला अदालत में वकील नबी अहमद की गोली मारकर हत्या कर देने के बाद से शहर सुलग रहा था। पहले दिन तो भारी बवाल हुआ ही, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी तोड़फोड़, आगजनी, पथराव हुआ। एसएसपी आफिस के पास शुक्रवार को हुई हिंसा में एक इंस्पेक्टर समेत तीन सिपाही भी जख्मी हो गए थे। शनिवार को अदालतों के बंद होने से भी चहलपहल कम रही। कचहरी के शांत रहने का नतीजा हुआ कि अधिकांश दुकानें खुल गईं। दुकानों पर बाजारों में भीड़ भी दिखी। कचहरी और हाईकोर्ट के पास तैनात आरएएफ तथा पीएसी के जवानों को भी राहत रही।
पुलिस ने 16 मार्च को प्रस्तावित वकीलों की राष्ट्रीय स्तर की हड़ताल के मद्देनजर भी प्रबंध शुरू कर दिए हैं। सोमवार को जिला कचहरी के साथ-साथ हाईकोर्ट के आसपास का इलाका भी छावनी में तब्दील रहेगा। हाईकोर्ट और कचहरी के आसपास गाड़ियों को ले जाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। दोनों स्थानों पर फायरब्रिगेड, एंबुलेंस के साथ ही एक हजार से अधिक पुलिस वाले, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात रहेंगे। छह सीओ, 15 थानेदार और 50 से अधिक एसओ की भी ड्यूटी लगाई गई है।