यमुनापार के मेजा इलाके में सनसनीखेज मामला सामने आया है। मां-बाप लापता बेटे की हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सीओ तक पहुंचा तो उन्होंने जांच के लिए एक टीम गठित कर दी। जांच के दौरान लापता युवक मिर्जापुर में रिश्तेदार के घर मिला।
मेजा में भटौती गांव के रामसुचित मजदूरी करते हैं। उनका आरोप था कि उनका बेटा तुलसीराम एक क्रशर प्लांट में ड्राइवरी करता था। 20 जून को उसकी डंफर से कुचलकर मौत के बाद उसके साथ काम करने वाले तीनों युवकों ने शव को गायब कर दिया। रामसुचित बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए 22 जून को सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे के पास शिकायत लेकर पहुंचा। उसने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर गिरफ्तारी की मांग की।
सीओ जीतेंद्र दुबे ने मेजा थाने के दरोगा अवध बिहारी शुक्ला के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच में लगा दी। जांच के दौरान एसआई अवध बिहारी शुक्ला को जानकारी मिली की तुलसीराम अपने मिर्जापुर के जिगना में रिश्तेदार के घर छिपा है। पुलिस ने दबिश देकर उसे बरामद कर लिया। उसे बृहस्पतिवार को सीओ के सामने सकुशल पेश किया गया। तब जाकर मामले की सच्चाई सामने आई।
साजिश के तहत बेटे की हत्या का आरोप लगाकर रामसुचित ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। उसके खिलाफ पुलिस को गलत सूचना देने का मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाएगी।---जीतेंद्र कुमार दुबे सीओ मेजा।