भाजपा विधायक डा. अजय भारती के किशोरी लाल बीटीसी कॉलेज में सोमवार को हंगामा हो गया। बीस हजार रुपये नहीं देने पर छात्रों का प्रवेश पत्र रोक दिया गया। छात्रों को अपमानित किया गया। जिस पर नाराज एक छात्र नए यमुना पुल के खंभे पर चढ़ गया। जानकारी पर पहुंचे छात्रों ने चक्काजाम कर दिया। जिस पर पहुंची पुलिस ने लाठी भांजकर उन्हें तितर-बितर किया। करीब सात घंटे बाद छात्र को शाम को फायर ब्रिगेड की हाईड्रोलिक मशीन की मदद से नीचे उतारा जा सका। बाद में छात्रों की मांगें मान ली गईं और प्रवेश पत्र दे दिया गया है।
किशोरी लाल बीटीसी कालेज में मंगलवार से बीटीसी प्रथम वर्ष की परीक्षा शुरू होनी है। जिस पर तमाम छात्र सुबह साढ़े नौ बजे प्रवेश पत्र लेने कालेज पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि वहां पर कालेज कर्मी प्रशांत शुक्ला ने छात्रों से बीस हजार रुपये मांगे। नहीं देने पर प्रवेश पत्र रोक दिया। छात्रों ने रुपये का इंतजाम नहीं होने की बात कही तो कालेज कर्मी ने छात्र पंकज कुमार राम को अपमानित किया। पंकज बलिया का रहने वाला है। वह यहां पर अरैल में रहता है। अपमान से आहत पंकज सीधे नए यमुना पुल पर पहुंच गया। करीब 11 बजे पुल के खंभे पर चढ़ गया।
जानकारी होने पर एक घंटे बाद तमाम छात्र पुल पर इकट्ठा हो गए। छात्रों ने चक्काजाम कर दिया। जिससे जाम लग गया। छात्र विधायक डा.अजय भारती को बुलाने पर अड़ गए। मगर विधायक नहीं आए। जानकारी पर एसीएम तृतीय और तहसीलदार करछना पहुंचे। अफसरों ने मनाने का प्रयास किया, मगर छात्र नहीं माना। इसके बाद कालेज के कर्मियों ने बगैर बीस हजार रुपये लिए प्रवेश पत्र देने की बात कही तो छात्र नीचे उतरने के लिए तैयार हुआ। करीब चार बजे फायर ब्रिगेड के सिपाही धर्मेंद्र मिश्रा, छोटे लाल और पीयूष कुमार हाईड्रोलिक मशीन लेकर पहुंचे। दो घंटे की मशक्कत के बाद शाम को साढ़े छह बजे छात्र पंकज को हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नीचे उतारा जा सका। इसके बाद उसे लेकर पुलिस नैनी कोतवाली चली गई।
नए यमुना पुल पर छात्रों के चक्काजाम के बाद हजारों वाहन जाम में फंस गए। शहर में बैरहना की तरफ, नैनी में रीवा रोड और मिर्जापुर रोड पर हजारों वहां जहां तहां खड़े हो गए। जाम में एक एम्बुलेंस फंस गई। एम्बुलेंस में चित्रकूट की रहने वाली ऊषा देवी पत्नी नीरज कुमार अपने एक दिन के बच्चे को लेकर चिल्ड्रेन अस्पताल जा रही थी। चिकित्सकों ने वहां से बच्चे को हालत खराब होने पर चिल्ड्रेन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। इंस्पेक्टर नैनी ने जैसे तैसे जाम हटवा कर एम्बुलेंस को हटवाया।
करीब चार बजे हाईड्रोलिक मशीन लेकर दमकल कर्मी धर्मेंद मिश्रा पुल पर पहुंचे। धर्मेंद्र ने सीओ अलका भटनागर से हाईड्रोलिक मशीन को ऊपर ले जाने की अनुमति मांगी। इसके बाद धर्मेंद्र कुमार अपने साथ छात्र के एक साथी और औद्योगिक इंस्पेक्टर रमेश चंद्र रावत को लेकर हाईड्रोलिक मशीन से ऊपर पहुंचे। धर्मेंद्र के मनाने पर छात्र नीचे उतरने के लिए तैयार हुआ।
नए पुल पर जाम में फंसे राहगीरों से पेशी से लौट रहे नैनी जेल के कैदियों ने अभद्रता की। जाम में फंसे पुलिस वैन पर सवार कैदी गालीगलौज करने लगे। जिस पर एसएसआई गजानंद चौबे, एसआई संदीप तिवारी, एसआई अखिलेश राय ने कैदियों को फटकार कर शांत कराया।