खुल्दाबाद के काला डांडा इलाके में मंगलवार की रात छोटे ने बड़े भाई के सिर पर डंडा मारकर हत्या कर दी। विवाद महज चंद रुपयों को लेकर शुरू हुआ था। घरवालों ने दोनों भाइयों के बीच हुए विवाद को किसी तरह शांत करा दिया, मगर छोटा भाई खार खाए रहा। रात में करीब एक बजे बड़े भाई के सिर पर उसने डंडे से कई वार किए और भाग निकला। सूचना पर पुलिस ने दबिश दी और उसे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उसने जुर्म स्वीकार कर लिया है।
काला डांडा के रहने वाले अशोक कुमार प्रजापति के तीन बेटों में संजय उर्फ संजू प्रजापति (32) बड़ा था। वह पिता के साथ डांडी में वेल्डिंग का काम करता था। मंगलवार की रात संजय अपने छोटे भाइयों सुनील उर्फ गब्बर और अभिषेक के साथ शराब पीने बैठा। उसी दौरान संजय और सुनील में पैसों को लेकर विवाद हो गया। दोनों में हाथापाई होने लगी तो अशोक ने उन्हें किसी तरह छुड़ाया। कुछ देर बाद मां आशा देवी ने सभी के लिए खाना निकाला। सभी साथ में खाना खाने बैठ गए। संजय और सुनील में एक बार फिर झगड़ा होने लगा। इंस्पेक्टर खुल्दाबाद प्रदीप कुमार के मुताबिक संजय ने सुनील के खाने में थूक दिया। घरवालों ने किसी तरह बात संभाली। इसके बाद सभी सोने चले गए।
करीब एक बजे संजय बाथरूम जाने के लिए उठा। सुनील पहले से ही घात लगाए बैठा था। वहीं लकड़ी का डंडा पड़ा था। सुनील ने उसी से संजय के सिर पर कई वार कर दिए। वह चीख मारकर गिर गया। खून बहता देख सुनील वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। करीब 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक संजय के सिर से लगातार खून बह रहा था। पुलिस उसे तुरंत लेकर अस्पताल गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीओ विनीत जायसवाल और इंस्पेक्टर दोबारा घर पहुंचे। संजय की बहन ने बताया कि वह स्टेशन पर बैठता है। पुलिस पिता अशोक कुमार को लेकर सुनील को ढूंढने लगी। कुछ देर बाद स्टेशन पर ही सुनील मिल गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ ने बताया कि परिवार में सभी शराब के आदी हैं। शराब पीकर तीनों भाई अक्सर विवाद करते थे। जिस डंडे से संजय की हत्या हुई, वह बरामद कर लिया गया। सुनील उर्फ गब्बर विक्रम चलाता है। सुनील ने बयान दिया है कि संजय बचपन से ही गुस्सैल प्रवृत्ति का था। वह अक्सर खाने में थूक देता था। कई बार वह थाली उठाकर भी फेंक देता था। उस रात इस बात पर उसे इतना गुस्सा आया कि उसने डंडे से मार दिया। उसका कहना था कि वह यह नहीं जानता था कि संजय की मौत हो जाएगी।
संजय पर डंडे से प्रहार कर सुनील भाग निकला था। संजय के सिर से लगातार खून बह रहा था। घटना के बाद पूरा मुहल्ला इकट्ठा हो गया था लेकिन न तो उसके घर वाले उसे अस्पताल ले गए और न ही मुहल्ले वाले। ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि अगर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उसकी जान बच जाती। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो संजय का सबसे छोटा भाई अभिषेक टीवी देख रहा था। उसे फटकार लगाई गई तब उसने अपने भाई को उठाया और पुलिस की गाड़ी पर लादा गया।
संजय ने ही पुलिस को किया फोन, घर की लोकेशन बताई
इलाहाबाद। छोटे भाई सुनील के प्रहार से घायल संजय ने अपने सबसे छोटे भाई अभिषेक से मोबाइल मांगा और इंस्पेक्टर के नंबर पर फोन किया। उसका घर गली में है। इंस्पेक्टर को वह गली की लोकेशन बताता रहा। इस दौरान जब ज्यादा खून बह गया तो वह अचेत हो गया। पुलिस जब घर पहुंची तब पता चला कि जिसके साथ घटना हुई है, उसी ने उन्हें फोन किया था और लोकेशन बताई थी।
मां और बहन बिलख कर रोती रहीं
इलाहाबाद। रात में दोनों भाइयों के बीच झगड़ा सबके सामने हुआ था। मां आशा देवी और बहन ने भी उन्हें रोकने की कोशिश की थी। जब संजय की मौत की खबर आई तो उन्हें यकीन नहीं हुआ। उन्हें लग रहा था कि संजय अभी ठीक होकर घर आ जाएगा। दोनों संजय को याद कर बिलख-बिलख कर रोती रहीं।