यमुनापार के मेजा गांव में गरीबी की वजह से दंपति ने फांसी लगाकर जान दे दी। शनिवार दोपहर खाने के बाद मनोज प्रजापति (40) और उनकी पत्नी गुड्डी देवी (38) अलग-अलग कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर आत्महत्या कर ली। आधे घंटे बाद बड़ी बेटी हैंडपंप से पानी लेकर लौटी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब अंदर से जवाब नहीं मिला तो उसने परिवार के दूसरे लोगों को इस बारे में बताया। कच्चे घर का खपरैल हटाकर देखा गया तो दंपति का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। सूचना पाकर मेजा पुलिस पहुंची। दरवाजा तोड़कर दंपति के शव को नीचे उतारा गया। पुलिस भी मान रही है कि आर्थिक तंगी के चलते दंपति ने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम के बाद ही सच्चाई पता चलेगी।
मेजा में गोनौरा गांव निवासी मनोज कुमार प्रजापति मजदूरी कर पत्नी गुड्डी तीन बेटियों और दो बेटों का भरण-पोषण करता था। मजदूरी कम मिलने के कारण परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा था। शनिवार सुबह 11 बजे गुड्डी ने खाना बनाकर पति मनोज और पांचों बच्चों को खिलाया और खुद भी खाया। खाने के बाद बच्चे खेलने चले गए, जबकि बड़ी बेटी प्रीति घर से कुछ दूर पर लगे हैंडपंप पर पानी लेने चली गई। इसी बीच दंपति के बीच न जाने क्या बात हुई, दोनों चुपचाप उठे और अलग-अलग कमरे में जाकर दरवाजे की कुंडी अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब बड़ी बेटी पानी भरकर घर आई तो उसने आवाज दी पर कोई जवाब नहीं मिला।
परेशान होकर उसने परिवार के अन्य लोगों को इस बारे में बताया तो लोग भागकर पहुुंचे। किसी तरह कच्चे घर का खपरैल हटाकर देखा तो मनोज फांसी के फंदे पर झूल रहा था। दूसरे कमरे को देखा तो गुड्डी का शव फांसी पर लटका हुआ था। ग्राम प्रधान राकेश तिवारी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी तो मौके पर मेजा के इंस्पेक्टर केके शर्मा पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों लाशों को कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया गया है। घटना की जानकारी जुटाई जा रही है कि प्रारंभिक जांच में गरीबी में दंपति के खुदकुशी की बात सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
मनोज और गुड्डी के शादी के लगभग 18 साल हो गए थे। उनके पांच बच्चे तीन बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी प्रीति चौदह साल की है। सबसे छोटा बेटा पांच साल का है। मां-बाप की मौत से बच्चे बेसहारा हो गए। मां-बाप के इस कदम से बच्चों का गहरा सदमा लगा है। उनका रोकर बुरा हाल है।