अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव और नामजद आरोपी होटल मालिक प्रदीप जायसवाल के बीच विवाद आज का नहीं, बल्कि छह साल पुराना है। नाले पर लिंटर (स्लैब) डालकर कब्जा करने के विरोध में जब राजेश ने शिकायत करनी शुरू की तो दोनों में दुश्मनी हो गई। राजेश ने राष्ट्रपति से लेकर नगर आयुक्त तक से शिकायत की। बार-बार जांच आती और होटल मालिक के रसूख से जांच दबा दी जाती। दुश्मनी बढ़ती गई। घर वालों के मुताबिक इसी दुश्मनी में होटल मालिक ने राजेश की हत्या करा दी।
पथरचट्टी रामलीला कमेटी ने 2012 में होटल क्राउन पैलेस (रामायणा) के पीछे दस दुकानें बनवाई थीं। राजेश के भाई बृजेश के मुताबिक दुकानों के सामने नाला था। इसलिए उसे कोई खरीद नहीं रहा है। बाद में क्राउन पैलेस होटल के मालिक प्रदीप जायसवाल ने सभी दुकानों को खरीद लिया और नाले पर लिंटर (स्लैब) डालकर उस पर कब्जा कर लिया। इससे नाला अवरुद्ध हो गया। बरसात में पीछे की बस्ती में चार चार फुट पानी भरने लगा तो मुहल्ले वालों ने विरोध किया। विरोध की कमान संभाली अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने। राजेश ने कुछ वकीलों के साथ इस मामले की ऊपर शिकायत करनी शुरू की। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर देश प्रदेश के सभी अधिकारियों के यहां शिकायत की। स्थानीय स्तर पर बारिश के समय हर साल शिकायतें होती रहीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद राजेश ने प्रदीप और उसके भाइयों के पांचों होटलों (क्राउन पैलेस, सागर, गंगोत्री, मंदिरम और मंदिरम पैलेस) में पार्किंग का मुद्दा भी उठाना शुरू किया। किसी में भी पार्किंग नहीं थी। तमाम शिकायतों के बाद नगर निगम और एडीए के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बात से होटल मालिक प्रदीप और चिढ़ गया था। कुछ महीने पहले नगर निगम से कमल कुमार को भी जांच के लिए भेजा गया था। उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की तो अधिवक्ता राजेश और कमल के बीच बहस भी हुई थी। इसके कुछ दिन बाद होटल मालिक से भी राजेश के बीच बहस हुई, जिसमें नौबत मारपीट की भी आ गई थी। राजेश के भाई बृजेश का कहना है कि उनके जीवन में सिर्फ यही विवाद था। इसके अलावा और किसी से कोई बात नहीं थी। इसीलिए उन्होंने होटल मालिक के साथ नगर निगम के कमल कुमार को भी नामजद कराया है।
अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव के भाई बृजेश श्रीवास्तव ने होटल मालिक प्रदीप जायसवाल और नगर निगम के कमल कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके अलावा उन्होंने बाइक सवार दो अज्ञात शूटरों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। बृजेश के मुताबिक उनकी आंखों के सामने भाई को गोली मार दी गई। प्रदीप जायसवाल ने शिकायत करने पर भाई राजेश को जान से मारने की धमकी दी थी। उसी ने हत्या कराई है।