मेजा (ब्यूरो)। मेजा थाने के इंस्पेक्टर प्रेम नारायण मिश्र पर बार अध्यक्ष रामेश्वर मिश्र से दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वकीलों ने तहसील दिवस में जमकर हंगामा काटा। वकीलों ने तहसील के सभी दफ्तरों को आनन-फानन में बंद करा दिया। 24 घंटे के अंदर इंस्पेक्टर को यहां से न हटाए जाने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी।
साथ ही तहसील के मुख्य गेट को बंद करा दिया गया। बता दें कि मंगलवार दोपहर में तहसील दिवस की कार्यवाही चल रही थी। अचानक बार अध्यक्ष रामेश्वर मिश्र और मेजा थाने के इंस्पेक्टर प्रेम नारायण मिश्र से कहासुनी होने लगी। बात आगे बढ़ी तो एसडीएम आशीष मिश्र ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया। बार अध्यक्ष का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कुछ ही देर में अधिवक्ताओं ने तहसील दिवस में हंगामा शुरू कर दिया।
बार अध्यक्ष का आरोप है कि गरीबों एवं मजलूमों को मेजा थाने से न्याय नहीं मिल रहा है। आरोप है कि बगैर रिश्वत के मेजा पुलिस कोई काम नहीं करती है। बार अध्यक्ष रामेश्वर मिश्र, मंत्री अनिल पाण्डेय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर इंस्पेक्टर को 24 घंटे के अंदर हटाने की मांग की। प्रदर्शन में बार के पूर्व अध्यक्ष मुनेश्वर शुक्ल, पूर्व मंत्री राजीव शुक्ला, संतोष मिश्र, नरेंद्र त्रिपाठी, अनिल सिंह, संजय मिश्र, कमलेश तिवारी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। बार मंत्री अनिल पाण्डेय की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम हुई वकीलों की बैठक में निर्णय लिया गया कि इंस्पेक्टर को न हटाया गया तो थाने का घेराव किया जाएगा।
करछना तहसील दिवस पर मंगलवार को 132 शिकायतें आयीं। जिसमें राजस्व के 43, थाने से जुड़े 32, क्षेत्र में विकास के 23, समाज कल्याण विभाग के दो व 30 अन्य मामले रहे। जिसमें एक का भी निस्तारण मौके पर नहीं हो सका। वहीं ब्लाक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने महामंत्री रंगराज सिंह व ब्लाक अध्यक्ष डा. दिनेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने एसडीएम को अवगत कराया कि क्षेत्र की समस्त नहरों में पूरी क्षमता के साथ पानी नहीं आ रहा है। जिससे धान की फसल खराब हो रही है। किसानों को काफी परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने मांग किया कि अगर जल्दी ही नहरों में पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो कार्यकर्ता आंदोलन करने के लिये बाध्य होंगेे।