कोतवाली क्षेत्र में तीन बहनों से बलात्कार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप एक तांत्रिक पर है। अयोध्या का रहने वाला तांत्रिक मदद के बहाने भुक्तभोगी के घर पहुंचा। इसके बाद उसने मकान मालिक की बेटी और उसकी ममेरी, चचेरी बहन से बलात्कार किया। ये घिनौना खेल कई साल चला। अब मामला पुलिस के पास पहुंचा है। मामले की जांच सीओ ट्रैफिक को सौंपी गई है। सीओ का कहना है कि गुरुवार को ही जांच मिली है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक शख्स के घर कई वर्ष पहले अयोध्या का एक तांत्रिक आया। उसने ऊपरी बाधा हटाने में मदद कर घर के सभी सदस्यों को विश्वास में ले लिया। फिर रहने का ठिकाना न होने का दुखड़ा सुनाया। तांत्रिक को भुक्तभोगी मकान मालिक ने अपने मकान का एक कमरा किराए पर दे दिया। थोड़े ही दिनों में तांत्रिक परिवार से घुलमिल गया। इस दौरान मकान मालिक की ऊपरी बाधा की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिए वह पूजा-पाठ करने लगा। एक ही घर में रहने की वजह से मकान मालिक की बेटी, उसकी भांजी और भतीजी का तांत्रिक के कमरे में आना-जाना होने लगा।
मौका पाकर तांत्रिक ने एक-एक कर सभी को अपने जाल में फंसा लिया। आरोप है कि उसने तीनों का शारीरिक शोषण शुरू कर दिया। कई वर्ष तक तांत्रिक तीनों के साथ मनमानी करता रहा। पिछले दिनों बात खुली तो मकान मालिक ने आपत्ति जताई। इस पर तांत्रिक ने बिफरते हुए पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी। अनहोनी की आशंका से मकान मालिक ने सहम कर चुप्पी साधी लेकिन तांत्रिक ने लड़कियों का यौन शोषण बंद नहीं किया। तांत्रिक की मनमानी से तंग मकान मालिक ने इसकी शिकायत नैनी थाने जाकर की लेकिन पुलिस ने टरकाना चाहा। तमाम प्रयास के बाद भी पुलिस ने बलात्कार के इस सनसनीखेज मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कि और जांच के बहाने मामला लटका दिया। फिलहाल जांच सीओ ट्रैफिक अलका भटनागर को सौंपी गई है। सीओ ट्रैफिक का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।