इलाहाबाद। इविवि छात्रसंघ चुनाव की आहट पर ही बवाल शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को हिंदी विभाग में दो छात्रों की जमकर पिटाई कर दी गई। घटना के बाद छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और अज्ञात हमलावरों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर भी दी।
इविवि प्रशासन निर्णय ले चुका है कि छात्रसंघ चुनाव सितंबर के अंत या अक्तूबर की शुरुआत में कराया जाएगा। चुनाव की आहट होते ही अलग-अलग छात्र संगठनों अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भी कर दी है। आल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट आर्गनाइजेशन ने संयुक्त सचिव के लिए वियज प्रताप और सांस्कृतिक सचिव के लिए हरिकेश कुमार को प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों छात्र नेताओं के लिए प्रचार में लगे बीए तृतीय वर्ष के छात्र कृष्णकांत यादव और अमर सिंह यादव को कुछ अज्ञात लोगों ने बृहस्पतिवार क्लास से बाहर निकाला और उनकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद दोनों छात्रों के साथ संगठन के पदाधिकारी चीफ प्रॉक्टर के कार्यालय पहुंचे और वहां शिकायत दर्ज कराई। साथ ही मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी।
संगठन की इविवि इकाई के उपाध्यक्ष हरिकेश कुमार का कहना है कि एक दिन पहले प्रचार के लिए कुछ छात्र नेता हिंदी विभाग में आए थे, तब इन दोनों छात्रों ने उनसे विश्वविद्यालय से संबंधित कुछ सवाल पूछ लिए थे। यह उन्हें नागवार लगा और उनके कुछ समर्थकों ने बृहस्पतिवार को विभाग में घुसकर दोनों छात्रों की पिटाई कर दी। इविवि इकाई के सचिव राकेश कुमार सिंह का कहना है कि दोषियों को चिह्नित कर जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई तो उनका संगठन आंदोलन करेगा।
इविवि छात्रसंघ चुनाव के लिए इंकलाबी छात्र मोर्चा (आईसीएम) की बृहस्पतिवार को हुई सभा में प्रत्याशियों के नाम तय किए गए। तय हुआ कि आईसीएम केंद्रीय पदों में केवल अध्यक्ष पद के लिए अपना प्रत्याशी खड़ा करेगा। इसके लिए संगठन के सहसंयोजक सुजीत को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया गया जबकि सुशील को कला संकाय परास्नातक प्रतिनिधि एवं आदर्श को कला संकाय स्नातक प्रतिनिधि के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है।
इविवि परिसर में अराजकता के माहौल के खिलाफ आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को परिसर में मार्च निकाला और चीफ प्रॉक्टर कार्यालय का घेराव किया। छात्र नेताओं ने उर्दू विभाग के अतिथि प्रवक्ता पर हुए जानलेवा हमले और अन्य छात्रों के साथ ही मारपीट पर अपना विरोध दर्ज कराया। आइसा पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रसंघ को गुंडो का अड्डा नहीं बनने देंगे। इसको सृजन और संघर्ष का मंच बनाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। छात्रनेताओं ने कहा कि हमलावरों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। इस दौरान अंतर सर्वानंद, शक्ति रजवार, रणिविजय, पूजा सिंह, उबैद उल्ला अंसारी, अब्दुल्ला सादिक, हसन, अफजल आदि मौजूद रहे।