इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में एक छात्रा से छेड़खानी का मामला फिर सामने आया है। छेड़खानी कर रहे दो छात्रों ने विरोध करने पर छात्रा को धमकाया और छेड़खानी का विरोध कर रहे अपने जूनियर छात्र को जमकर मारापीटा। मामले में दोनों छात्रों को इविवि से निष्कासित कर दिया गया है और उनका नामांकन निरस्त किया गया है। दोनों को अभिभावकों के साथ उपस्थित होकर कारण बताने को कहा गया है कि आखिर उन्होंने यह जघन्य कृत्य क्यों किया। दोनों छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भी दे दी गई है।
बीए तृतीय वर्ष के छात्र अनिल कुमार और चंद्रेश सिंह केपीयूपी हॉस्टल में रहते हैं। दोनों कई दिनों से एक छात्रा का पीछा कर रहे थे और अक्सर उस पर छींटाकशी करते थे। 22 नवंबर को भी दोनों ने मध्यकालीन इतिहास विभाग से छात्रसंघ भवन तक छात्रा का पीछा किया। उन्होंने छींटाकशी तो छात्रा ने विरोध कर दिया। इस पर दोनों छात्रा को धमकाने लगे। इस बीच वहां मौजूद बीए प्रथम वर्ष के छात्र ऋषभ द्विवेदी ने दोनों को ऐसा करने से मना किया तो उन्होंने ऋषम की जमकर पिटाई कर दी।
मामला चीफ प्रॉक्टर कार्यालय तक पहुंच गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने छेड़खानी के आरोपी दोनों छात्रों को दफ्तर बुलाया तो छात्रा ने उन्हें पहचान लिया। चीफ प्रॉक्टर से शुक्रवार को छेड़खानी के आरोपी दोनों छात्रों को अनुशासनहीन और आपराधिक आचरण में लिप्त मानते हुए तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया और उनका नामांकन भी निरस्त कर दिया। साथ ही दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे पांच दिसंबर को शाम चार से पांच बजे के बीच अपने पिता या संरक्षक के साथ चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर बताएं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।