सत्ती चौरा और मीनापुर इलाकों में शुक्रवार को पुलिस ने पीएसी और आरएएफ के साथ रूट मार्च किया। फोर्स सड़कों के साथ गलियों में भी घूमी। शुक्रवार को जुमे की नमाज के कारण इलाके की मस्जिदों के आसपास भारी फोर्स तैनात रही। दिन भर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। एसएसपी के निर्देश पर मुट्ठीगंज और अतरसुइया थानों के साथ शहर के सभी थानों में पीस कमेटी की बैठक की गई।
सत्तीचौरा इलाके में रंग लगाने और पतंगबाजी को लेकर लड़कों के दो गुटों में हुए विवाद और मारपीट के बाद दो पक्षों में जबर्दस्त तनाव बना हुआ है। पुलिस ने एक पक्ष के पांच लड़कों को नामजद करते हुए यूसुफ नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप था कि बुधवार की शाम सत्ती चौरा निवासी अंकित केसरवानी और कमलेश पांडेय पर मीनापुर के यूसुफ समेत डेढ़ दर्जन लड़कों ने हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इस दौरान फायरिंग भी की गई और पांच हजार रुपये लूट लिए गए। इसी के बाद हंगामा शुरू हो गया। बुधवार को तो स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि करीब एक दर्जन थानों की फोर्स के अलावा पीएसी को भी कॉल कर दिया गया।
शुक्रवार को तनाव के बीच पुलिस ने पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स के साथ सत्ती चौरा और मीनापुर में रूट मार्च किया। फोर्स न सिर्फ सड़कों पर घूमी बल्कि गलियों में जाकर लोगों को भरोसा दिलाया कि सब ठीक है। जुमे की नमाज के कारण दोनों इलाकों की मस्जिदों के आसपास भारी फोर्स इकट्ठा थी। इलाके की मस्जिदों के साथ साथ मंदिरों में भी फोर्स तैनात रही। दिन भर अफवाहें उड़ती रहीं, जिसे देखते हुए एसएसपी ने सभी थानों में पीस कमेटी की मीटिंग कॉल की थी। अतरसुइया और मुट्ठीगंज में दोनों ही पक्षों के तमाम लोगों को बुलाकर शांति की अपील की गई। मुहल्ले के लोगों के नंबर भी लिए गए। अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए कहा गया कि कोई भी सूचना पुलिस को तुरंत दें। खासकर नौजवानों की गतिविधियों के बारे में सूचना देने को कहा गया।
गुरुवार को यूसुफ के परिवार की महिलाओं तथा अन्य परिजनों ने एसपी सिटी और शहर कोतवाली के सामने मानव श्रंखला बनाकर विरोध जताया था। उनका आरोप था कि कि पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए डकैती की धारा लगाकर युसूफ को जेल भेज दिया। पुलिस उन लोगों की नहीं सुन रही है। झगड़े को डकैती बताया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में युसूफ के साथ वाहिद, मामू, अन्नू और मोनू के खिलाफ डकैती समेत दूसरी धाराओं में केस लिखा है। कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी। युसूफ को घटना वाली शाम ही गिरफ्तार कर लिया गया था। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में चार को हिरासत में लिया है। वे नामजद आरोपी हैं या अज्ञात वाले, यह पता नहीं चल पाया है।
शुक्रवार को रूट मार्च किया गया। जुमे की नमाज को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई थी। अफवाहों को देखते हुए दोनों इलाकों में धार्मिक स्थलों के पास रात में भी फोर्स तैनात रहेगी। पीस कमेटी की बैठक बुलाकर लोगों से शांति की अपील की गई है। -शलभ माथुर, एसएसपी इलाहाबाद