एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट ने प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने में घुसकर होमगार्ड की गोली मारकर हत्या की सनसनीखेज वारदात अंजाम देने वाले बारह हजार रुपये के ईनामी शूटर मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार कर लिया। उसे बुधवार रात तेलियरगंज इलाके में गिरफ्तार कर पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। इस अपराधी ने गिरोह के साथियों संग इलाहाबाद और पड़ोसी जिलों में हत्या और लूट की कई वारदात अंजाम दी है।
एसटीएफ की इलाहाबाद फील्ड यूनिट के उपनिरीक्षक अतुल कुमार सिंह बुधवार रात करीब आठ बजे टीम के साथ शिवकुटी इलाके में सक्रिय थे तभी उन्हें मुखबिर से जानकारी मिली कि शार्प शूटर मोहम्मद इमरान कोई वारदात अंजाम देने के लिए इलाहाबाद से प्रतापगढ़ जाने वाला है। इस पर एसटीएफ टीम ने शिवकुटी थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के साथ कर्जन पुल के पास घेराबंदी कर ली। कुछ देर बाद पीठ पर बैग लटकाए इमरान तेलियरगंज की तरफ से आता दिखा तो उसे घेरकर दबोच लिया गया। उसकी तलाशी में मेड इन इटली लिखी पिस्टल, तीन कारतूस और कुछ नगदी मिली।
पूछताछ में उसने कुबूला कि इसी साल तीन फरवरी को साथियों बालकृष्ण उर्फ बाले, शिवा मिश्रा, अनुज तिवारी, विपिन पांडेय, प्रदीप तिवारी के साथ मिलकर प्रतापगढ़ के लवाना बाजार में सराफा कारोबारी बालजी सोनी को गोली मारकर कत्ल कर एक किलो चांदी लूट ली थी। इस गिरोह ने रायबरेली, उन्नाव, लालगंज बैसवारा हाइवे पर भी लूट की तमाम वारदात अंजाम द्री। 24 फरवरी को गिरोह के राजा बाबू को प्रतापगढ़ में मानिकपुर पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया तो उसे छुड़ाने के लिए रात में इमरान समेत बाकी बदमाशों ने थाने में घुसकर बमबाजी और फायरिंग की तथा संतरी ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड को गोली से उड़ा दिया। पुलिस को उस वारदात में अब भी बाले की तलाश है। बाकी बदमाश पकड़े जा चुके हैं। एसटीएफ के हत्थे चढ़े इमरान के खिलाफ लूट और हत्या के 17 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर बारह हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।