विधानसभा चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी में इजाफा होता जा रहा है। एसटीएफ ने शनिवार रात करेली पुलिस के साथ ससुर खदेरी नदी के पास एक ट्रक को रोका तो उसमें इंदौर से तस्करी कर लाई गई 960 पेटी शराब के साथ दो लोग पकडे़ गए। एक तस्कर फरार हो गया। पुलिस का दावा है कि जब्त शराब की कीमत बाजार में करीब 40 लाख रुपये है।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान के नेतृत्व में करेली इंस्पेक्टर जीतेंद्र कुमार सिंह और एसआई एहसानुल हक नेसोमवार रात ससुर खदेरी नदी के किनारे एक ट्रक रोककर तलाशी ली। उसमें 960 पेटी बाम्बे व्हिस्की शराब भरी मिली। एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि खबर मिली थी कि चुनाव में वोटरों को रिझाने के लिए शराब की खेप मंगाई गई है। ट्रक में पकड़े गए चरनजीत सिंह और जनरैल सिंह मध्य प्रदेश में इंदौर के रहने वाले हैं।
शराब तस्करी के लिए ट्रक में पांच स्पेशल केबिन बनाए गए थे ताकि चेकिंग के दौरान पुलिस को पता ही नहीं चल सके। शराब की बोतलों पर केवल अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए प्रिंट था। पकड़े गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि इंदौर स्थित शराब की डिस्टिलरी से यह खेप अरुणाचल प्रदेश को लेकर रवाना हुए लेकिन फर्जी बिल्टी के सहारे इलाहाबाद लेकर आ गए। यहां के एक व्यक्ति ने वोटरों में बांटने के लिए शराब की खेप मंगाई थी। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्करों का एक साथी सुनील मौके से फरार हो गया। करेली थाने में केस दर्ज कर दोनों तस्करों को जेल भेजा गया। पिछले महीने भर के दौरान एसटीएफ और थानों की पुलिस शराब तस्करी के 19 मामले पकड़ चुकी है मगर शराब की तस्करी थम नहीं रही है।