इलाहाबाद। ठेकेदारी के विवाद में शुक्रवार सुबह मुट्ठीगंज थाने के पास गुंडागर्दी की गई। तीन लोगों ने थाने के करीब गली में जाकर इंटरलाकिंग करा रहे ठेकेदार को धमकी देकर काम बंद करने को कहा। विरोध पर उन तीनों ने ठेकेदार को पीटा और पिस्टल से कई फायर किए। ठेकेदार ने किसी तरह जान बचाई। भीड़ लगी तो हमलावर भाग गए। मुट्ठीगंज थाने में हत्या की कोशिश की नामजद एफआईआर लिखी गई है।
शहर में मीरापुर के पंजाबी क्वार्टर में रहने वाले नमन जोत सिंह ठेकेदारी करते हैं। उन्हें नगर निगम से मुट्ठीगंज में सुरेश पत्थर वाले गली में इंटरलाकिंग का ठेका मिला है। विरोधी ठेकेदार की ओर से चार रोज पहले भी नमन जोत को धमकी देकर काम बंद करने के लिए कहा गया था। नमन ने बात नहीं मानी तो शुक्रवार सुबह नमन जोत पर हमला कर दिया गया। करीब साढ़े दस बजे वह गली में खड़े होकर मजदूरों से इंटरलाकिंग करा रहे थे तभी वहां ध्रुव त्रिपाठी, दीपक यादव और आसिफ खां ने आकर गालियां दीं और काम बंद करने के लिए कहा। नमनजोत ने विरोध किया तो उनकी पिटाई करते हुए पिस्टल से कई फायर किए गए।
दीवार की आड़ लेकर नमनजोत ने खुद को गोलियों से बचाया। फायरिंग से मुहल्ले में खलबली मच गई। कई लोग उधर आए तो तीनों हमलावर वहां से भागकर दूसरी गली में खड़ी बाइक पर बैठकर निकल गए। फायरिंग की सूचना मिलते ही मुट्ठीगंज थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह पहुंच गए। फिर एसपी सिटी राजेश यादव भी आ गए। पता चला कि हमलावरों में शामिल ध्रुव त्रिपाठी एक पूर्व मंत्री का भतीजा है।
वह मुट्ठीगंज के राजेंद्र नगर में रहता है। हालांकि पूर्व मंत्री के परिवार की तरफ से कहा गया कि उनका ध्रुव से कोई लेना-देन नहीं है। दूसरे आरोपियों में दीपक यादव मीरापुर और आसिफ कटघर का रहने वाला है। आईजी जोन ब्रजभूषण शर्मा ने भी गुंडागर्दी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए कहा है। इंस्पेक्टर मुुट्ठीगंज सत्यपाल ने बताया कि छापेमारी कर कुछ लोगों को उठाया गया है।