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सोनू का शव सड़क पर रखकर चक्का जाम

Thu, 14 Jun 2018 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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धूमनगंज के मुंडेरा गांव में मंगलवार की शाम मारे गए सोनू यादव के शव को सड़क पर रखकर परिजनों ने बुधवार की दोपहर चक्का जाम कर दिया। वे नामजद आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा देने की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों और नेताओं के आश्वासन के बाद वे माने। पुलिस ने सोनू के घर के पास पिकेट लगा दी है।
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मुंडेरा गांव में रहने वाले प्रापर्टी डीलर सोनू यादव (32) की मंगलवार शाम बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घर वालों ने इस मामले में मुंडेरा गांव के रहने वाले मोनू पासी, सोनू पासी (दोनों सगे भाई), गोलू पासी, संदीप पासी, राजा भैया, बंटी पाल, लकी यादव, मनीष यादव उर्फ पप्पी, कुलदीप और गौतम को नामजद कराया था। इसके अलावा दस अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सोनू के शव को रात में ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बुधवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने मुंडेरा में शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। वे आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को सुरक्षा और गांव में पुलिस पिकेट की मांग कर रहे थे। सपा नेता रिचा सिंह और सीओ श्रीशचंद्र ने किसी तरह परिजनों को समझाया। आश्वासन दिया गया कि पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सोनू के घर के पास पुलिस पिकेट लगा दी गई है। इसके बाद घर वाले शव ले गए और शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सोनू यादव की हत्या के साथ ही धूमनगंज क्षेत्र में गैंगवार की शुरूआत हो गई है। दरअसल, सोनू की हत्या कर 50 हजार के इनामी गदऊ पासी को चुनौती दी गई है। सोनू गदऊ का बेहद करीबी था और उसके लिए वसूली का काम करता था। गदऊ ने घटना से दो दिन पहले आरोपियों के घर पर गोली और बम बरसाए थे।
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मुंडेरा गांव में गदऊ पासी और पड़ोसी सोनू-मोनू पासी के बीच पिछले कुछ दिनों से वर्चस्व की जंग चल रही थी। जरायम की दुनिया में बड़ा नाम बन चुके गदऊ को जब पड़ोसी सोनू और मोनू चुनौती देने लगे तो विवाद शुरू हो गया। गदऊ का करीबी सोनू यादव उसके लिए वसूली करता था। मंडी और उसके बाहर कई लाख की वसूली का पूरा काम सोनू यादव ही देखता था। इसी लाखों की वसूली पर सोनू और मोनू पासी की भी नजर थी। सोनू यादव से दुश्मनी का भी यही कारण था। सोनू यादव और सोनू पासी के दोस्त लकी यादव में कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ तो गदऊ ने लकी को जमकर पीट दिया था। उसके बाद सोनू पासी व लकी उसके करीबी सोनू यादव को ढूंढ रहे थे। यह बात जब गदऊ को पता चली तो दो दिन पहले उसने सोनू और मोनू के घर पर धुआंधार फायरिंग की थी। उनके घर पर कई बम भी पटके थे। पुलिस सूत्र बताते हैं कि इसी विवाद में सोनू यादव की हत्या की गई।

इस हत्या के साथ ही गैंगवार की शुरूआत हो चुकी है। सोनू पासी के साथ आठ और लोग नामजद हुए हैं। पुलिस उन्हें खोज रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गदऊ पासी गिरोह के लोग भी उन लोगों को खोज रहे हैं। पुलिस ने तमाम लोगों को उठाया है। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि हत्या में कई लोगों को उठाया गया है। जो नामजद हुए हैं, उनके करीबियों, दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। कई नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

सोनू यादव को बदमाशों ने छह गोलियां मारी थीं। तीन गोलियां उसके शरीर में मिल गईं। तीन गोलियां शरीर चीरते हुए बाहर निकल गई थीं। बदमाशों ने उसे पहले पैर में गोल मारी थी। वह गोली भी शरीर चीरते हुए बाहर निकल गई थी।
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