ग्यारह रोज पहले बारा स्थित ससुराल में ज्योति शर्मा की संदिग्ध मौत की घटना में उसके बेटे की गवाही कुछ और ही कह रही है। ससुरालियों ने कहा था कि महिला ने आत्महत्या की थी लेकिन पांच साल का मासूम बार-बार कह रहा है कि उसकी मां को पापा, चाचा और बाबा ने पीटा था। मायके वालों ने इस बारे में बारा थाने में शिकायत कर बच्चे के बयान की जानकारी भी दी लेकिन पुलिस ने मासूम की गवाही भी नहीं मानी।
सरायइनायत में रिठैया गांव निवासी ज्योति शर्मा के माता-पिता का बरसों पहले देहांत हो चुका है। चाचा और बाबा ने 2014 में उसका ब्याह बारा इलाके के रेही बैजला गांव में दीनदयाल शर्मा के साथ कराया था। शादी में सार्मथ्य के मुताबिक खर्च किया गया था। मगर कुछ ही समय बाद ज्योति को उसका पति, सास-ससुर, देवर दहेज में 50 हजार रुपये और मोटरसाइकिल की खातिर प्रताड़ित करने लगे। वह मायके में इस बारे में बताती रहती थी। उसके तीन बच्चे हुए।
सात साल की गुड्डी, पांच साल का पुत्र हर्ष और एक बेटा अभी महज चार माह का था। 25 जून को भी ज्योति को दहेज की मांग नहीं पूरी होने की वजह से पीटा गया। उसके गहने छीनने की कोशिश की गई। चीख-पुकार सुनकर गांव वाले जुटे तो ससुराल वाले उसे मार डालने की धमकी देकर घर से निकलकर कहीं चले गए। 28 जून को ज्योति के भाई रवि को उसके देवर सूरज ने फोन पर बताया कि तुम्हारी बहन ने आत्महत्या कर ली है। भाई रवि समेत मायके वाले वहां पहुंचे तो बताया गया कि उसने भूसे वाले कमरे में फांसी लगा ली थी।
मगर ज्योति के पांच वर्षीय बेटे हर्ष ने रोते हुए अपने मामा को बताया कि पापा, चाचा, बाबा सबने मिलकर मम्मी को मारा था, फिर भूसे वाले कमरे में लटका दिया। मायके वाले हर्ष को बारा थाने ले गए। पुलिस के सामने उसका बयान कराया लेकिन पुलिस ने फिर भी न एफआईआर लिखी और न कोई कार्रवाई की। ज्योति के चाचा लल्लू शर्मा ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर इस घटना का मुकदमा दर्ज कराकर जांच और कार्रवाई की फरियाद की है।