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रेलवे की जमीन हड़पने में छह भूमाफिया गिरफ्तार

Tue, 28 Nov 2017 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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क्राइम ब्रांच ने झूंसी में रेलवे की 41 बीघे जमीन हड़पने वाले भूमाफिया के खिलाफ सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सोमवार को इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े छह भूमाफिया को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इनके बैंक खातों पर भी रोक लगाने का निर्णय ले लिया गया है। दो नामजद आरोपी कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से चार्जशीट दाखिल होने तक रोक लगी हुई है। इन दोनों के जांच में सहयोग न करने पर स्टे निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई है कि जमीन के इस घपले में कई बड़े प्रशासनिक अफसर शामिल रहे हैं। अगले चरण में इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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एसपी क्राइम बीके मिश्रा ने बताया कि सीआईटी ने सोमवार सुबह रेलवे की जमीन हड़पने वाले छह माफिया को झूंसी और इलाहाबाद शहर के कई स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। इसमें झूंसी काहिस्ट्रीशीटर राजेश यादव जमीन खरीद में शामिल है। उसने कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन से अपने भतीजे धर्मवीर यादव, राजेश यादव के अलावा मोहम्मद बसीद, फजल जाफरी, साजिद खां, सुरेश चंद्र भारतीया और मुट्ठीगंज के प्रापर्टी डीलर संजय जायसवाल के नाम पहले मुख्तारनामा कराया था। कुछ दिनों बाद इकरारनामा भी कराया गया। इन सभी का सीधे तौर पर इस जमीन से संबंध रहा है। इनकी कब्जाई जमीन पर फ्लैट, कालोनी के साथ-साथ कामर्शियल काम्पलैक्स बनाने की प्लानिंग थी।

गिरफ्तार सुरेशचंद्र भारतीय ने काफी पहले से रेलवे की 41 बीघे जमीन पर कब्जा कर रखा था। उसे पता चला कि भूमाफिया ने इस जमीन को कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन के नाम करा लिया है। उसी के बाद प्रशासन में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत कर दी। बाद में भूमाफिया और सुरेश चंद्र भारतीया के बीच दो बीघा जमीन को लेकर आपस में सुलह हो गई और शिकायत दबा दी गई। बाकी के चार लोग राजेश यादव के साथ प्रापर्टी डीलिंग में शामिल हो गए।
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जमीन हड़पने वालों के खिलाफ और साक्ष्य जुटाने के लिए एडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष रहे देवेंद्र नाथ पांडेय, फूलपुर के एसडीएम और फिलहाल बदायूं के सिटी मजिस्ट्रेट राज कुमार द्विवेदी, चायल के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी, पूर्व सीआरओ बीएल सरोज, पूर्व तहसीलदार आशीष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार निखिल शुक्ला, लेखपाल धर्मवीर यादव को बयान दर्ज कराने के लिए पांच दिसंबर को क्राइम ब्रांच में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
राजस्व विभाग ने रेलवे की 41 बीघे जमीन कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन के बाबा वजीउल्लाह के नाम राजस्व अभिलेखों में फर्जी तरीके से दर्ज करा दी थी। एसडीएम और तहसीलदार ने इस भूमि पर कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन का वारिस होने का पक्ष मजबूत मानकर इन दोनों के नाम दर्ज कराया था। उसी के पंद्रह दिन जमीन का भूमाफिया के नाम मुख्तारनामा और बैनामा करा दिया गया।

जमीन हड़पने के मामले में लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के इमाम को भी क्राइम ब्रांच ने नोटिस भेजकर पांच दिसंबर को तलब किया है। एसपी क्राइम ने बताया कि मस्जिद के यह इमाम कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन के ससुर हैं और उनकी इस जमीन को लेकर संलिप्तता के बारे में जानकारी की जाएगी। पुलिस को गोपनीय जानकारी मिली है कि टीले वाली मस्जिद के इमाम की भी इस मामले में सहभागिता रही है।

झूंसी में रेलवे की बेशकीमती 41 बीघा जमीन हड़पने में परत दर परत भूमाफिया, नेता, रेलवे, राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों के गठजोड़ का खुलासा हो रहा है। इस जमीन में पूर्व सांसद अतीक अहमद की संलिप्तता के बारे में भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए छह भूमाफिया से की गई पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। इनमें इलाहाबाद में तैनात रहे एक आईएएस अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। रेलवे के रिटायर्ड सेक्शन इंजीनियर, पूर्व सीआरओ सहित कई अफसरों के खिलाफ काफी मात्रा में साक्ष्य मिले हैं। कुछ और साक्ष्य जुटाने के लिए कु छ अधिकारियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को बुलाया गया है। कई अरब रुपये की इस जमीन को हड़पने की साजिश के लिए रेलवे और प्रशासनिक अफसरों का भी गठजोड़ बना था।

‘रेलवे की जमीन हड़पने के लिए भूमाफिया, नेता, रेलवे और राजस्व अधिकारियों का संगठित आपराधिक गिरोह बना था। जिसका परत दर परत खुलासा हो रहा है। इनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।’ -बीके मिश्रा, एसपी क्राइम

गिरफ्तार फजल जाफरी की वजह से मोनाड बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड जांच के दायरे में आ गई है। इस कंपनी में फजल की पत्नी डायरेक्टर हैं। इसीलिए क्राइम ब्रांच ने चायल के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी को भी अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस करके पांच दिसंबर को बुलाया है।
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