एसटीएफ ने सोमवार को सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नकल कराने के लिए अभ्यर्थियों से एक से दो लाख रुपये तक में सौदा हुआ था। 50 हजार पेशगी लेकर अभ्यर्थियों से एकाउंट पेई चेक लिए गए थे। करीब 34 लाख रुपये मूल्य के चेक भी बरामद किए गए हैं। सॉल्वर गैंग में शामिल और कई लोगों के नाम सामने आए हैं। एसटीएफ उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल और सॉल्वर गैंग की मौजूदगी की सूचना के बाद एसटीएफ को खुलासे के लिए लगाया गया था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि नई बाजार नैनी स्थित गजराज सिंह स्कूल एंड कालेज में सॉल्वर गैंग की मौजूदगी की सूचना पर इंस्पेक्टर अतुल सिंह ने अपनी टीम के साथ वहां छापा मारा। टीम ने परीक्षा के दौरान चेकिंग शुरू की। कक्ष संख्या 13 में अभ्यर्थी रामकुमार यादव निवासी सरपती मिर्जापुर की जगह पवन सिंह निवासी पटना, बिहार परीक्षा दे रहा था। उसे पकड़कर पूछताछ की गई। इसके बाद सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हो गया। उसने बताया कि परीक्षाओं में नकल कराने वाला माफिया कौशल सिंह पटेल (निवासी छतौना सराय ममरेज, इलाहाबाद) नितिन शुक्ला (कोइराना, भदोही), सत्येंद्र कुमार सिंह (बैरिया, बलिया), इमरान अली (अमिलिया,मेजा इलाहाबाद) और मो. इरफान (भोपतपर, उतरांव इलाहाबाद), नैनी में मेवा लाल की बगिया स्थित एक होटल में बैठे हैं। एसटीएफ ने तुरंत वहां छापा मारकर सभी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सरगना कौशल सिंह पटेल तथा अन्य आरोपियों ने बताया कि वे लोग विभिन्न परीक्षाओं में नकल का ठेका लेते हैं।
अधिकांश मामलों में अभ्यर्थी के स्थान पर किसी दूसरे को बिठाया जाता है। ब्लू टूथ डिवाइस के माध्यम से पेपर साल्व कराया जाता है। सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए उन्होंने अभ्यर्थियों से पचास-पचास हजार की पेशगी ली थी। कुछ से एक लाख में बात तय हुई थी तो कुछ से दो लाख में। पेशगी के साथ बाकी बचे पैसों के लिए दस्तखत कराके एकाउंट पेई चेक ले लिए थे। इसके साथ ही उनकी ओरिजिनल आईडी प्रूफ, एडमिट कार्ड भी जमा कराए थे। उनके पास से 34 लाख रुपये मूल्य के चेक भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा ओएमआर शीट, प्रश्नपत्र, 10 मोबाइल, अंगूठे के निशान के लिए 20 एमसील, और एक लाख 49 हजार नकद भी मिले हैं। इंस्पेक्टर अतुल सिंह ने बताया कि साल्वर गैंग से जुड़े तमाम लोगों के नाम पता चले हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
नकल माफियाओं ने परीक्षा में अंदर तक सेंध लगाई थी। सिपाही भर्ती परीक्षा में बायोमेट्रिक एटेंडेंस होनी थी। इस कारण अभ्यर्थी के दाहिने और बाएं हाथ के अंगूठे के निशान एमसील पर ले लेते थे। इसके बाद जब अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे को परीक्षा देने के लिए बिठाया जाता तो वह एमसील से निकले अंगूठे के निशान को रबड़ के माध्यम से अपने अंगूठे पर पहन लेता और बायोमेट्रिक एटेंडेंस लगा देता था।
साल्वर गैंग का इमरान अली लूट की घटना में भी पकड़ा जा चुका है। दरअसल, 2014 में उसने एक परीक्षा की आंसरशीट देने के लिए दीपक यादव नाम से प्रतियोगी छात्र को सिविल लाइंस बुलाया था। आंसरशीट लेकर जब दीपक ने बाद में रुपये देने की बात कही तो उसने बाइक, पैसे तथा अन्य सामान लूट लिया और भागने लगा। दीपक के चीखने पर इमरान पकड़ गया और उसे लूट की धाराओं में जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से साल्वर गैंग के लिए काम करने लगा। वह इन दिनों कीडगंज में मंडइया गली में किराये के मकान में रह रहा था। मुहल्ले वालों ने बताया कि वहां अक्सर लड़कों की भीड़ लगी रहती थी।
शिवकुटी में ईश्वरी दीन इंटर कालेज में सिपाही भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी सौदागर यादव की फोटो और हस्ताक्षर जब नहीं मिला तो कक्ष निरीक्षक अलका कुमारी ने केंद्र व्यवस्थापक और पुलिस को सूचना दे दी। इंस्पेक्टर शिवकुटी पंकज सिंह ने बताया कि युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम भूपेंद्र यादव निवासी मुहम्मदाबाद गाजीपुर बताया। उसने बताया कि वह छोटे भाई की जगह पर परीक्षा दे रहा था। भूपेंद्र के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।