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सीजेएम रेशमा प्रवीण ने शुआट्स के लेखाकार राजेश कुमार और उसके परिवार के नाम अलीगढ़ और इलाहाबाद में एक दर्जन से अधिक संपत्ति को कुर्क कर 31 अगस्त तक रिपोर्ट मांगी है। आरोपी राजेश के अदालत में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ अवमानना का एक और मुकदमा सिविल लाइंस थाने में दर्ज करा दिया गया है। अदालत के इस आदेश के बाद क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने भगोड़ा घोषित कर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित करने के लिए एसएसपी को फाइल भेज दी है।
वर्ष 2013 से 16 के बीच एक्सिस बैंक में शुआट्स के खातों से लेखाकार राजेश और बैंक अधिकारी कमाल अहसान ने 357 चेकों का हवाला देकर 23.92 करो़ड़ रुपये का गबन कर लिया था, जिसकी रिपोर्ट मई 2017 में थाना सिविल लाइंस में कराई गई थी। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने पिछले महीने बैंक अधिकारी कमाल अहसान को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शुआट्स का लेखाकार राजेश कुमार फरार चल रहा है। उसकी संपत्ति कुर्क करने के लिए पिछले महीने 82 की कार्रवाई की गई थी। इसमें उसे एक महीने के अंदर अदालत में पेश होना था, लेकिन नहीं हुआ। कुर्की न हो इसलिए वह अदालत में हाजिर होने की अर्जी लगाता रहा। गुरुवार को अदालत ने उसकी संपत्ति कु र्क करने के आदेश कर दिए।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार राजेश और उसके परिवार के नाम नैनी के गंगोत्री नगर में एक मकान और तीन प्लाट हैं। अलीगढ़ जिले की कोल (सदर) तहसील में जीटी दिल्ली रोड किनारे कई टुकड़ों में 50 बीघा खेत। तीन प्लाट और आलीशान मकान है। एसआईटी प्रभारी सीओ आलोक मिश्रा ने अलीगढ़ के डीएम और एसडीएम कोल को पत्र लिखकर उसके और परिवार वालों के नाम संपत्ति की कुर्की में मदद का अनुरोध किया है। साथ में यह भी कहा है कि यह इस संपत्ति को खुर्द बुर्द कर सकता है। इसीलिए नजर रखी जाए। क्योंकि इस मुकदमे की जांच हाईकोर्ट के निर्देशन में की जा रही है।