फाफामऊ के शांतिपुरम कॉलोनी में छात्रा कीर्ति यादव को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले प्रतियोगी छात्र अजीत सिंह के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया गया तो उसके सिर में गोली फंसी मिली। घायल कीर्ति के भी सिर के ऑपरेशन में डॉक्टरों को गोली मिली। उसकी हालत फिलहाल स्थिति बनी हुई है। सुसाइड नोट का रहस्य उजागर करने के लिए पुलिस कीर्ति और अजीत के हैंडराइटिंग का नमूना लेकर मिलान की खातिर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगी।
नवाबगंज के महमदपुर गांव निवासी सिंचाई विभाग कर्मी नारायण प्रसाद यादव की बेटी कीर्ति (25) बृहस्पतिवार सुबह शांतिपुरम कॉलोनी स्थित राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में एमए की परीक्षा देने के बाद पैदल ऑटो की तलाश में जा रही थी तभी प्रतियोगी छात्र अजीत मौर्या ने उसे रोका और कनपटी पर गोली मार दी। कीर्ति के घायल होने के बाद अजीत ने अपनी कनपटी पर भी गोली मार ली। दोनों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया जहां अजीत की मौत हो गई। कीर्ति के सिर के सिटी स्कैन में गोली फंसी दिखी थी। ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने गोली निकाल दी है। इसके अलावा, अजीत के शव के पोस्टमार्टम में भी सिर में गोली फंसी मिली। कीर्ति का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि पोस्टमार्टम के बाद अजीत का शव उसके परिवार के लोग अंतिम संस्कार की खातिर ले गए।
घटना की जांच कर रहे फाफामऊ चौकी प्रभारी चंद्रभूषण मौर्या ने बताया कि अजीत की जेब में मिला दो पन्ने का सुसाइड नोट ऐसी भाषा में था जैसे कीर्ति ने लिखा हो। जबकि कीर्ति ने उससे रिश्ता नकारा और कहा है कि वह जबरन पीछे पड़ा था। ऐसे में शक है कि यह सुसाइड नोट अजीत ने ही जानबूझकर कीर्ति की तरफ से लिखा है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर कीर्ति की हैंडराइटिंग का नमूना मांगा गया है। कीर्ति और अजीत की हैंडराइटिंग का नमूना विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा जहां विशेषज्ञ जांच के बाद साफ कर सकेंगे कि सुसाइड नोट किसने लिखा था।