फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शेरडीह में रात भर टूटा पुलिस का कहर

Fri, 10 Jun 2016 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
पुलिस भर्ती नैनीताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नैनी जेल गेट पर शूटआऊट में ज्ञानचंद्र की हत्या के विरोध में मंगलवार को शव रखकर उत्पात करना अब झूंसी में शेरडीह गांव के लोगों को बेहद भारी पड़ रहा है। फायरिंग, पथराव तथा आईपीएस पर घातक हमले के बाद पीड़ित परिवार ही अब पुलिस के निशाने पर आ गया है। पहले ही 32 लोगों को जेल भेज चुकी पुलिस ने बुधवार आधी रात शेरडीह में मारे गए ज्ञानचंद्र के परिजनों और करीबियों के घरों में घुसकर कहर बरपाया। पुरुषों के फरार होने की वजह से ज्यादातर घरों में महिलाएं थी जिन्हें पुलिसवालों ने धमकाया कि पुरुषों ने सरेंडर नहीं किया तो हर रात ऐसा ही किया जाएगा।
विज्ञापन


 मंगलवार को लाश रखकर हुए बवाल के बाद पुलिस ने मुकदमा लिखकर सख्त रूख अपनाते हुए 32 लोगों को जेल भेज दिया और छापेमारी शुरू की। अब आलम है कि जेल गेट पर हुए डबल मर्डर के शूटरों की बजाय बवाल के आरोपियों की धरपकड़ पर जोर दिया जा रहा है। बुधवार रात कई थानों की पुलिस फोर्स ने शेरडीह गांव में घुसकर तमाम घरों में दबिश दी। तोड़ने की धमकी देकर दरवाजे खुलवाए और घरों की तलाशी ली। जिस घर में दरवाजे नहीं खोले गए पुलिस ने तोड़ दिए। पुलिस ने घरों में पुरुषों के नहीं मिलने पर महिलाओं को चेतावनी दी कि उन्हें थाने भेजकर सरेंडर नहीं कराया गया तो रोज रात ऐसी ही छापेमारी होती रहेगी। दोहरे कत्ल, बवाल के बाद अब पुलिसिया कहर से घबराकर कई परिवार घर छोड़ चले गए।

शेरडीह गांव में दो दिन पहले हुए बवाल के बाद कई घरों पर आफत टूट पड़ी है। उन्हीं में से एक है बुजुर्ग महिला लखपती का परिवार। बवाल काटने के आरोप में पुलिस ने बुजुर्ग महिला की दोनों बहुओं के साथ ही दो बेटियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद से ही उसके दोनों बेटे भी घर छोड़कर फरार हैं। रोते-बिलखते हुए बुजुर्ग लखपती ने बताया कि दोनों बहुएं और बिटिया मंजू, शिल्पा, अल्का व भगवती देवी भी इंसाफ मांगने गई थी। पर पुलिस ने पहले जमकर उनकी पिटाई की और बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बुजुर्ग महिला अपने पति के साथ बेसुध हालत में घर में पड़ी हुई है। हालत यह है कि दो वक्त की रोटी देने वाला भी घर में कोई नहीं बचा है।
विज्ञापन


नैनी शूटआउट में मारे गए ज्ञानचंद्र के बड़े भाई राजकुमार की बीवी रंजना इन दिनों गर्भवती है। उसे भी पुलिस ने मंगलवार को हुए बवाल में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। शेरडीह के पूर्व प्रधान योगेंद्र यादव उर्फ बच्चा तथा उसके भाई धर्मेेंद्र की हत्या में राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा हुई है। वह बस्ती जेल में बंद है। पिछले साल अक्टूबर में उसने जेल से पेरोल पर बाहर आकर रंजना से शादी की थी।   

 थाना क्षेत्र के शेरडीह गांव के छोटके पुरवा के ग्रामीण भी पुलिस की प्रताड़ना से परेशान हैं। कई परिवार के लोग तो परेशान होकर अपना घर भी छोड़ चुके हैं। छोटके पुरवा के लोगों का कहना है कि चक्काजाम की घटना में यहां के लोग शामिल भी नहीं थे। रिपोर्ट भी बड़के पुरवा के लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है। इसके बावजूद पुलिस छोटके पुरवा के लोगों को आधी रात को परेशान कर रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें