बसपा विधायक राजूपाल की हत्या के आरोपी अशरफ की जमानत खारिज कराने के लिए दायर की गई याचिका पर शनिवार को सुनवाई के दौरान गवाह और वकील दोनों की कड़ी सुरक्षा रहेगी। एसएसपी ने इन दोनों की सुरक्षा बढ़ा दी है। आरोप है कि माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ ने राजू पाल हत्या कांड के गवाह उमेश पाल को धमकी दी थी। उसी के आधार पर अशरफ की जमानत खारिज करने के लिए उमेश पाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके वकील मिशलेश तिवारी को भी दो सप्ताह पहले आबिद प्रधान की ओर से धमकी देने का आरोप है।
इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने वकील और गवाह दोनों की सुरक्षा बढ़ा दी है। पिछले महीने जमानत खारिज कराने के लिए दायर की गई याचिका पर अशरफ को नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस अभी तक तमील नहीं हुआ है। उसके घर पर न होने के कारण थाना प्रभारी धूमनगंज ने अतीक और अशरफ के संयक्त मकान पर नोटिस चस्पा करा दिया था। उसकी तलाश में छापे मारे गए लेकिन पता नहीं चला।
कई थानों की पुलिस ने शुक्रवार की देर रात अतीक और उसके भाई अशरफ दोनों के संयुक्त मकान में छापा मारा। परिजनों से जानकारी की गई लेकिन पता नहीं चल सका। उनके करेली, कीड़गंज आदि स्थानों पर रहने वाले नजदीकियों के यहां छापे मारे गए लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।