हिम्मतगंज के पुरुषोत्तम नगर मुहल्ले से शनिवार दोपहर लापता दोनों बच्चे रविवार सुबह मिल गए। पांच साल का बालक और पड़ोस में रहने वाली उतने ही साल की बालिका खेलते हुए घूमने निकले तो भटककर करेली के सदियापुर मुहल्ले में पहुंच गए। वहां एक कारोबारी ने दोनों बच्चों को रात में अपने घर में सुरक्षित रखा। सुबह अखबारों में इन बच्चों के लापता होने की खबर देखी तो उन्हें लेकर खुल्दाबाद थाने पहुंच गया।
पुरुषोत्तम नगर में रहने वाले जलकल कर्मचारी धर्मपाल का पुत्र शारदा (5) शनिवार दोपहर पड़ोसी सब्जी विक्रेता बन्ने की बेटी पंखुरी के साथ घर के निकट खेल रहा था। फिर वे दोनों लापता हो गए। घरवालों ने काफी खोजबीन के बाद खुल्दाबाद थाने जाकर सूचना दी तो पुलिस भी तलाश में जुटी मगर रात भर दोनों बच्चों का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह करीब दस बजे सदियापुर करेली में रहने वाले व्यापारी संजय निषाद लापता शारदा और पंखुरी को लेकर खुल्दाबाद थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि ये बच्चे शनिवार शाम सदियापुर में उनके घर के पास भटकते मिले थे।
पूछने पर अपनेे घर का पता सही से नहीं बता सके। ऐसे में बच्चों को रात में अपने घर रखकर खाना खिलाया। वे घर जाने के लिए रोने लगे तो किसी तरह उन्हें दुलारा और शांत कराया। सुबह अखबार से पता चला कि ये दोनों लापता हैं तो खुल्दाबाद थाने ले आए। पुलिस से सूचना पाकर शारदा और पंखुरी के माता-पिता खुल्दाबाद थाने पहुंच गए। दोनों बच्चे अपनी मां से लिपटकर पहले रोए फिर हंसने लगे। बेटे-बेटी को सलामत पाकर माता-पिता बेहद खुश थे। उन्होंने बच्चों का ख्याल रखने के लिए विजय निषाद का आभार जताया।