इलाहाबाद। शहर में कालिंदीपुरम कॉलोनी स्थित एक प्राथमिक स्कूल के बाहर से बुधवार दोपहर बाइक सवार बदमाश छात्रा और उसके छोटे भाई को उठा ले गए। दोनों को जंगल में ले जाकर बदमाशों ने आंख में पट्टी और मुंह में कपड़ा ठूंसकर मारा पीटा। स्कूल से भाई-बहन के गायब होने की सूचना पाकर धूमनगंज पुलिस पहुंची। पुलिस ने जंगल में घेरा बंदी की तो कुछ देर बाद बदमाश भाई-बहन को छोड़कर भाग निकले।
कांशीराम आवास योजना स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ने वाली बारह वर्षीय छात्रा शबाना(नाम काल्पनिक) लंच में स्कूल से बाहर निकली। स्कूल से कुछ कदम की दूरी पर जाने के बाद एक बाइक पर दो बदमाश आए और छात्रा को जबरन अपने साथ घसीटकर ले जाने लगे। बहन को बदमाशों को ले जाते देख छोटा भाई दौड़ा तो बदमाश उसे भी उठा ले गए। दो बच्चों के स्कूल से गायब होने के बाद खलबली मच गई। जानकारी होने पर मोहल्ले के लोग और बच्ची की भागकर स्कूल पहुंची। खबर पाकर धूमनगंज पुलिस पहुंची।
पुलिस परिवार वालों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही थी। तभी बच्ची वापस आ गई। उसने जो कहानी बताई, सुनकर वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। बच्ची ने बताया कि उसे बाइक सवार बदमाश उठाकर ले गए थे। दोनों के मुंह में कपड़ा ठूंसकर आंखें में पट्टी बांध दी थी। ताकि शोर न मचा सकें। कुछ देर बाद मारपीट कर जंगल में छोड़ दिया। दोनों बच्चों के सकुशल लौटने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इलाके के पार्षद चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि पुलिस से सुरक्षा की उम्मीद करना बेकार है।
लोगों को खुद सजग रहने की जरुरत है। उप्र समाचार विक्रेता संघ के प्रदेश महामंत्री भोला अवस्थी ने कहा कि लोग बदमाश से ज्यादा पुलिस से डरते है। वहीं पीड़ित छात्रा की मां का आरोप है कि पुलिस ने यह कहकर मामले की रिपोर्ट नहीं लिखी कि बच्ची वापस आ गई तो अब क्यों परेशान हो। हालांकि इंस्पेक्टर धूमनगंज महेंद्र सिंह देव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।