लूट और नौकरानी से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी संजय हेला का तीन महीने पहले से डा. ओपी बजाज के फ्लैट से कैश लूटने का इरादा था। कई बार फ्लैट में घुसने की कोशिश की थी लेकिन मौका नहीं लग रहा था। गुरुवार को फ्लैट में घुस तो गया लेकिन कैश के लिए एक घंटे तक पांचों कमरों की सभी अलमारी, बेड सहित तमाम जगहों पर रखे सामान को खंगाला मगर उसे कैश नहीं मिला। अलमारी से गहने निकाले लेकिन उनको बेचने में खुलासा होने के डर से वहीं छोड़ दिया। कैश के लिए नौकरानी को जमकर पीटा। वह भी कैश नहीं बता पाई। विरोध के कारण मैरी से दुष्कर्म न होने पर स्टोर में रखी प्रेस की डोरी से गला घोंटकर बेहोश कर दिया। किचन से चाकू लाकर उसका गला रेत दिया और स्टोर को बंद करके भाग गया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि बलुआ घाट निवासी संजय हेला को पुलिस ने यमुनापुल बागड़ घर्मशाला के सामने से गिरफ्तार किया है। नौकरानी के बयान से पहले पुलिस कोे संजय पर कतई शक नहीं था। शुक्रवार सुबह नौकरानी मैरी को हल्का होश आया और उससे घटना के बारे में पुलिस ने जानकारी की तो वह बोल नहीं पा रही थी। आठ तक पढ़ी होने कीवजह से उसने पु्लिस अधिकारियों को कागज पर लिखकर बताया कि संजय हेला ने घर में घुसकर यह हाल किया है। उसी के बाद पुलिस संजय की तलाश में जुट गई और उसे पकड़ लिया। संजय के घर से पुलिस ने चाकू और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।
आरोपी संजय डा. ओपी बजाज के दामाद संजय पांडे के रामबाग स्थित क्लीनिक पर सफाई करता है। डा. पांडे ने एक दिन ही उसे फ्लैट में बाथरूम के पाइप को सही करने भेजा था। उस दिन मैरी ने सफाई में उसकी मदद की थी। तभी से संजय की नीयत खराब हो गई थी, वह उनके फ्लैट से कैश लूटने और नौकरानी से रेप की को्िशश में था। उसे जानकारी थी कि डा, बजाज और उनकी बेटी डा. शालिनी पांडे सुबह 10.30 बजे तक चले जाते हैं।
मैरी फ्लैट में अकेली रहती है। संजय गुरुवार को सुबह 11 बजे फ्लैट पहुंचा और घंटी बजाई, मैरी ने दरवाजा खोला । संजय ने कहा कि डाक्टर मैडम ने बाथरूम साफ कराने को बोला था। नौकरानी ने उसे डाक्टर शालिनी के सामने ही बाथरूम साफ करने को कहा लेकिन संजय बाथरूम साफ करने के ब्रुश और तेजाब को रखने के बहाने घर के अंदर घुस गया और दरबाजा बंद कर लिया।
संजय ने स्वीूकार किया है कि गेट बंद होते ही मैरी को शक हो गया था और वह डा. शालिनी के कमरे में घुस गई । अंदर से सिटकनी लगा ली थी। मैंने सोफासेट को खींचकर वहीं सामने रखे पेचकस से दरबाजे के ऊपर का विंडो कांच तोड़कर सिटकनी खोली और मैरी को पकड़ लिया। उससे डा. शालिनी के कैश के बारे में बारे में दबाव डालकर पूछा लेकिन उसने नहीं बताया। वह मौका पाकर स्टोर की ओर भाग गई। स्टोर के दरवाजे की कुंडी तोड़ी लेकिन वह अंदर नहीं मिली। थोड़ी देर में वह कोने में छिपी दिखी। उससे फिर कैश के बारे में पुूछा तो वह बोली मुझे नहीं पता, वह अलमारी में रखती होंगी।
आरोपी संजय ने तीनों कमरों की अलमारी के ताले तोड़ दिए। उनमें रखे सामान को बिखेर दिया लेकिन कैश नहीं मिला। गुस्से में उसके साथ रेप की कोशिश ती वह चिल्लाने लगी। उसी समय स्टोर में नीचे रखी प्रेस का तार खींचकर उससे मैरी का गला कस दिया तो वह बेहोश हो गई। उसके बाद किचन से चाकू लाकर उसका गला रेतकर बेड पर मरा समझा और छोड़ दिया। उसी समय चाकू को किचन में धोया और वहां रखे थोड़े बहुत रुपये लेकर चला गया।
मैरी मर गई होती तो शायद इस घटना का खुलासा नहीं होता। मैरी के होश में आने से पहले तो पुलिस डा. ओपी बजाज के घर और क्लीनिक पर काम करने वाले कर्मचारियों को हिरासत में लिए हुए थी। बलुआ घाट निवासी संजय पर तो शक ही नहीं था। 16 घंटे तक तो पुलिस इन कर्मचारियों से शक के आधार पर पूूछताछ कर रही थी।
एसएसपी ने बताया कि मैरी के स्वास्थ्य में सुधार है। उसके पूरी तरह से ठीक होने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराए जाएंगे। उन्होंने इस केस का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये के ईनाम की घोषणा की है।