विधायक विजय मिश्र के भतीजे अमित मिश्रा की हत्या का मामला डीजीपी तक पहुंच गया है। अमित की पत्नी रुशाली ने लखनऊ में डीजीपी के सामने अपना पक्ष रखा और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। जिनके आधार पर डीजीपी ने एसएसपी से इस घटनाक्रम का पूरा ब्योरा तलब किया है। उन्होेंने कहा है कि निष्पक्ष जांच हो, यदि अमित की हत्या हुई है तो वास्तविक आरोपी गिरफ्तार किया जाए। कोई भी निर्दोष न फंसे। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर जरूर करें लेकिन उसकी मॉनिटरिंग सीओ स्तर के अधिकारी से कराई जाए।
पिछले सप्ताह थाना जार्ज टाउन इलाके में अमित मिश्रा की लाश घर के अंदर फंदे से लटकी मिली थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस मौत को हत्या बताया। उसी के बाद अमित के बड़े भाई पप्पू मिश्रा की ओर से रुशाली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। इस घटनाक्रम से पहले रुशाली खुदकशी मान रहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि हत्या हुई है तो उसमें जेठ पप्पू मिश्रा का हाथ होगा। क्योंकि पहले भी संपत्ति को लेकर वह दो बार फायरिंग कर चुके हैं। इन सभी तथ्यों का उल्लेख करते हुए वह डीजीपी से मिलीं।
दूसरी ओर पुलिस की जांच में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। हालांकि वीडियो फुटेज लेकर सभी तथ्य पुलिस ने विवेचना के दौरान जुटा लिए हैं। परिवार के सभी सदस्यों के बयान भी हो गए हैं। विजय शंकर तिवारी ने बताया कि इस मामले में पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुूंची है।