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तौबा ये इश्क का बुखार, 70 की उम्र में गंवाए 20 लाख 

Fri, 18 Mar 2016 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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धूमनगंज इलाके में रिटायर्ड एजी कर्मी को एक युवती ने अपने प्रेमजाल में फंसाकर 20 लाख रुपये हड़प लिए। धोखाधड़ी का शिकार हुए 70 वर्षीय बुजुर्ग के बेटों को जब इसकी जानकारी हुई तो वे सन्न रह गए। मामले की शिकायत लेकर धूमनगंज थाने पहुंचे। पुलिस ने तहरीर ली लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज किया। 
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धूमनगंज के रहने वाले एजी ऑफिस से रिटायर्ड सत्तर वर्षीय बुजुर्ग के खाते में 30 लाख रुपये जमा थे। यह बात आसपास के लोगों को पता थी। बुजुर्ग अक्सर घर के पास एक चाय की दुकान पर बैठकी करते थे। वहां हंसी मजाक चलता रहता था। इस बीच एक युवक ने बुजुर्ग को बताया कि वह उनकी इस उम्र में भी शादी करा सकता है। विश्वास दिलाने के लिए उसने अपने मोबाइल से बुजुर्ग की एक युवती से बात करा दी। इससे बुजुर्ग को उस युवक पर यकीन हो गया। इसके बाद अक्सर रिटायर्ड कर्मचारी के मोबाइल पर युवती की कॉल आने लगी। दोनों के बीच दिन भर में कई बार बात होती।

युवती ने बुजुर्ग पर झूठे प्रेम का जाल फेंका, जिसमें वह दिन ब दिन फंसते चले गए। कुछ दिन बाद ही युवती को जब विश्वास हो गया कि बुजुर्ग उसके जाल में फंस गया तो उसने बड़ी रकम ऐंठने की योजना तैयार कर ली। एक दिन युवती ने बुजुर्ग से बातचीत के दौरान एक मकान खरीदने के बहाने रुपये मांगे। युवती से इश्क के चक्कर में फंसे रिटायर्ड एजी कर्मी उसे रकम देने की हामी भर ली। वह मोहब्बत में इस कदर परेशान था कि रकम देने से पहले जवान बेटों से भी नहीं पूछा। बुजुर्ग ने युवती को दो लाख, आठ लाख, पांच लाख और फिर पांच लाख रुपये कुछ दिन के अंतराल में कुल बीस लाख रुपये अपने बैंक खाते से निकालकर दे दिए।
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युवती रकम लेने खुद तो सामने नहीं आई बल्कि अपने परिचित एक युवक को भेजा। कुछ दिनों बाद पिता के खाते से रकम निकलने की जानकारी बेटों को हुई तो वह परेशान हो गए। चारों बेटों ने पिता से इस बारे में पूछ तो बड़ी कोशिश के बाद उन्हें पूरे किस्से की जानकारी हुई। बेटों ने युवती से मोबाइल पर रकम वापस करने के लिए कहा तो उसने धमकी दी। आखिरकार बुजुर्ग के परेशान बेटे धूमनगंज थाने पहुंचे। बेटों के  मुताबिक उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी का फायदा उठाकर शातिरों ने उन्हें चूना लगा दिया है। वहीं एसओ धूमनगंज ब्रजेश द्विवेदी का कहना है कि तहरीर लेकर शातिरों की तलाश की जा रही है। चूंकि मामला धोखाधड़ी का है। ऐसे मामलों में कप्तान के आदेश पर ही रिपोर्ट लिखी जाती है। 
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