तीन युवकों को रेलवे प्रापर्टी चोरी करने के फर्जी आरोप में फंसाने वाले आरपीएफ के तीन अधिकारियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने आरोपी युवकों की अर्जी पर उनके खिलाफ पारित अवर न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। अवर न्यायालय ने रेलवे मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें उन्होंने युवकों को गलत फंसाने वाले तीन आरपीएफ अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
रेलवे मजिस्ट्रेट ने तीन आरोपी युवकों को आरोपों से उन्मोचित भी कर दिया था। रेलवे की संपत्ति चोरी करने के आरोपी सनी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आरडी खरे ने एडीजे इलाहाबाद के आदेश पर रोक लगाते हुए सभी पक्षकारों से जवाब तलब किया है। याची की ओर से सीनियर एडवोकेट अनिल भूषण ने पक्ष रखा। मामले के अनुसार कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर इंस्पेक्टर आरपीएफ शंकर पांडेय ने 31 मार्च 2014 को तीन युवकों मुमताज, सनी और अकील को रेलवे की संपत्ति चोरी करने के आरोप में पकड़ा था। रेलवे मजिस्ट्रेट ने युवकों को झूठा फंसाने के आरोप में सब इंस्पेक्टर संजय पांडेय, ओम प्रकाश और अजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया तथा तीनों युवकों को आरोप मुक्त कर दिया।