कानपुर/इलाहाबाद। इलाहाबाद की एक महिला के साथ कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पास गुरुवार रात तीन लोगों ने गैंगरेप किया। उसके चीखने-चिल्लाने पर चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। जिससे उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। कलक्टरगंज थाने और जीआरपी में सीमा विवाद के चलते महिला घंटों तड़पती रही। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर महिला का मेडिकल करवा रही है।
सिविल लाइंस इलाके में झोपड़-पट्टी में रहने वाली महिला ट्रेन में यात्रियों से पैसे मांग गुजारा करती है। पांच दिन पहले वह इलाहाबाद से कानपुर सेंट्रल आई थी। महिला का आरोप है कि गुरुवार देर रात करीब 12 बजे तीन युवकों ने उसे सेंट्रल स्टेशन से टेंपो में अगवा कर लिया और कहीं सुनसान में ले गए। वहां तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस में शिकायत की धमकी देने पर तीनों ने उसे पीटा। महिला शिकायत करने पर अड़ी रही तो तीनों ने उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया और भाग निकले। फटे हुए कपड़ों में महिला किसी तरह आबादी तक पहुंची। वहां से किसी ने सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचाया। रात भर वह वहीं पड़ी दर्द से कराहती रही।
शुक्रवार सुबह 9:20 पर किसी ने महिला को कलक्टरगंज थाने पहुंचाया। कलक्टरगंज इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने मामला जीआरपी थाना क्षेत्र का बताकर उसे सिपाहियों के साथ वहां भेज दिया। आरोप है कि महिला को सुबह 9:40 से 12 बजे तक जीआरपी थाने में बैठाए रखा गया। इस दौरान वह दर्द से तड़पती रही। दोपहर 12 बजे जीआरपी ने कंट्रोल रूम को सूचना दी और जीआरपी की महिला सिपाही पीड़िता को लेकर केपीएम अस्पताल पहुंची। केपीएम अस्पताल प्रशासन ने भी घोर असंवेदनशीलता दिखाई और पीड़िता को भर्ती करने के बजाय डफरिन अस्पताल भेज दिया।
जबकि डफरिन ने महिला को उर्सला इमरजेंसी भेज दिया। उर्सला इमरजेंसी में मौजूद डाक्टर भी पहले केपीएम के नाम का मेमो बताकर पीड़िता को भर्ती नहीं कर रहे थे। काफी जद्दोजहद के बाद उर्सला में पीड़िता का इलाज शुरू हुआ। इस बीच सीओ जीआरपी आरके मिश्रा उर्सला पहुंचे और पीड़िता से बातचीत की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई। पीड़िता ने इशारों से गैंगरेप और तेजाब फेंकने की बात समझाई। मामला मीडिया में आने पर एसएसपी शलभ माथुर पहुंचे। एसएसपी के आदेश पर कलक्टरगंज पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की।
महिला की शिकायत पर गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। महिला का मेडिकल करवा कर स्लाइड बनवाई जा रही है।
शलभ माथुर, एसएसपी
महिला की आंखों का परीक्षण नेत्र सर्जन डा.एमएस लाल ने किया है। उसकी दोनों आखों की कार्निया डैमेज बताई गई हैं। कितना डैमेज हुआ है, ये तीन-चार दिनों के बाद ही साफ होगा। फिलहाल वह देख नहीं पा रही है। सर्जन डा.पीएन पार्या की देखरेख में महिला का इलाज चल रहा है।
-डा.संजीव कुमार, सीएमएस, उर्सला