इलाहाबाद। धूमनगंज में देर रात शेरवानी मोड़ पर बदमाशों ने रेलवे टिकट परीक्षक (टीई) वीरेंद्र कुमार चौधरी (28) को गोली मार दी। उधर से गुजर रहे राहगीरों ने देखा तो कंट्रोल रूम में सूचना दी। खबर पाकर धूमनगंज पुलिस भी पहुंची। घायल को एसआरएन लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की छानबीन में लगी है।
फतेहपुर में बेरहमपुर के मुसद्दीपुर का वीरेंद्र उत्तर मध्य रेलवे में टिकट परीक्षक के पद पर तैनात था। वह सुलेमसराय के न्याय विहार कॉलोनी में रहता था। शुक्रवार देर रात रात की ड्यूटी के लिए वीरेंद्र घर से निकला था। लगभग साढ़े 11 बजे शेरवानी मोड़ के पास सड़क किनारे खून से लथपथ युवक को देखकर राहगीरों ने पहले 108 नंबर पर सूचना दी फिर कंट्रोल रूम में बताया। वहां से धूमनगंज पुलिस को जानकारी दी गई।
खून से लथपथ पड़े टीई को एसआरएन अस्पताल लाया गया। यहां पता चला कि वीरेंद्र के सिर में पीछे से सटाकर गोली मारी गई है। सिर में पीछे गहरा जख्म था। सूचना पाकर एसओ धूमनगंज अशोक दुबे और सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्र मौके पर पहुंचे। वीरेंद्र के पास से मिले बैग में काला कोट, एटीएम कार्ड, पर्स, छाता और रेलवे का आईकार्ड मिला, जिससे उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस घरवालों से संपर्क का प्रयास करती रही। मौके से पुलिस को मृतक का मोबाइल नहीं मिला है। इससे आशंका है कि बदमाश उसका मोबाइल उठा ले गए हैं। पर्स और अन्य सामान सुरक्षित मिला है। अंदेशा है कि बदमाश लूट नहीं बल्कि कत्ल के इरादे से ही आए थे। बैग वीरेंद्र की पीठ पर ही था। उसे बदमाशों खोला भी नहीं था।
रेलवे टिकट परीक्षक न्याय विहार कॉलोनी स्थित घर से ड्यूटी पर जाने के लिए निकला था। रेलवे कंट्रोल रूम और फतेहपुर पुलिस के जरिए घरवालों को सूचना दी गई है। हत्या की वजह और गोली मारने वाले कौन थे, इस बारे में छानबीन की जा रही है। ---आलोक मिश्र, सीओ सिविल लाइंस।