धूमनगंज की किशोरी के रेप व अपहरण के सात आरोपी नारको टेस्ट से पहले बृहस्पतिवार को मेडिकल टेस्ट के लिए बेली अस्पताल लाए गए। इनमें से निर्धारित समय तक सिर्फ चार आरोपियों का ही मेडिकल टेस्ट हो सका। बाकी बचे तीन आरोपियों का परीक्षण शुक्रवार को होगा। पुलिस का कहना है कि मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद सातों आरोपियों को नारको टेस्ट के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
धूमनंगज निवासी किशोरी करीब डेढ़ साल पहले खुल्दाबाद थाना क्षेत्र से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई थी। घरवालों की तहरीर पर पहले अपहरण और कुछ समय बार रेप का मामला दर्ज किया गया था। मामले में कुल 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा हुआ था, जिनमें एक महिला भी शामिल है। किशोरी के न मिलने पर उसकी मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बेटी का पता लगाने की गुहार लगाई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जताई थी। साथ ही सूबे के आईजी कानून व्यवस्था को थाने में कैंप कर सुनवाई करने का निर्देश दिया था। मामला अब भी कोर्ट में चल रहा है।
किशोरी की तलाश में नाकाम रहने पर पुलिस ने आरोपियों का नारको टेस्ट कराने का फैसला किया। एक आरोपी वृद्ध महिला है। ऐसे में उसे छोड़कर चार आरोपियों का नारको टेस्ट कराया गया। हाल ही में कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस सात अन्य आरोपियों के नारको टेस्ट की तैयारी में जुट गई। इसी के तहत बृहस्पतिवार को जेल से मो. शमशेर उर्फशानू, पप्पू बेली, अब्दुल गफूर, जावेद, आबिद, फरहान और एजाज को मेडिकल टेस्ट के लिए बेली अस्पताल लाया गया। सुबह 11.30 बजे के करीब धूमनगंज पुलिस आरोपियों को लेकर अस्पताल पहुंची। इनमें से आबिद, फरहान और एजाज को मिर्जापुर, जौनपुर व कौशाम्बी जनपद की जेलों से यहां लाया गया। सूत्रों के मुताबिक बृहस्पतिवार को निर्धारित समय में शमशेर, पप्पू बेली, जावेद और अब्दुल गफूर का ही मेडिकल परीक्षण हो सका। बाकी बचे तीन आरोपियों का मेडिकल शुक्रवार को कराया जाएगा। मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट आने केबाद आरोपियों को नारको टेस्ट के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।