मऊआइमा के बांका जलालपुर गांव में बृहस्पतिवार को रामलीला की तैयारी में जुटे आयोजकों को रोकने पर दो समुदाय के लोगों में विवाद हो गया। इसी दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को खदेड़ लिया। दूसरे पक्ष ने सूचना दी तो पुलिस पहुंची। पुलिस ने बताया कि एक पक्ष की तहरीर पर 22 नामजद व 50 अज्ञात पर एफआईआर लिखी गई है।
बांका जलालपुर गांव में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला के लिए तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत इन दिनों सजावट के लिए लगने वाली बल्लियों के लिए खोदाई हो रही है। बृहस्पतिवार को भी आयोजक इसी काम में लगे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय केे एक व्यक्ति ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह कब्रिस्तान की जमीन है। आयोजक नहीं माने तो उसने गांव पहुंचकर सूचना दी जिस पर वहां उस समुदाय के काफी लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने आयोजकों को गड्ढा खोदने से रोका तो दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। हंगामे की सूचना मिली तो फोर्स मौके पर पहुंची और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया।
उधर आयोजकों की ओर से थाने में तहरीर दी गई कि वह बल्लियां गाड़ने के लिए गड्ढा खोद रहे थे। उसी दौरान दूसरे समुदाय के लोग लाठी-डण्डे, असलहे लेकर पहुंचे और काम रोकवा दिया। विरोध पर खदेड़ा और हवा में फायर भी झोंके। पुलिस ने बताया कि रामलीला कमेटी के पदाधिकारी छेदीलाल सरोज की तहरीर पर मिनहाजउद्वीन, मुकीमउद्वीन, सादाब, सूफियान, मोईनउद्वीन, कम्मन, जमालउद्वीन, वहीदउद्वीन, नसीमउद्वीन, सलीमउद्वीन, युनूस, सादिर, नावेद, हमजद, नवाबअली, मसीन, मुश्तफा, अदहर, सलीम, सुहेल, कसीन को नामजद करते हुए 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नामजद आरोपी घर से भागे हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। इंस्पेक्टर अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि तहरीर के आधार पर 22 नामजद तथा 50 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।