राजू पाल हत्याकांड की गवाह रुखसाना के घर पर कुछ लोगों ने शुक्रवार की शाम गोलियां चलाईं। उसके घर के अगले और पिछले दोनों हिस्सों में फायरिंग की गई। जवाब में रुखसाना पक्ष की ओर से भी गोलियां चलीं तो हमलावर भाग निकले। डर से सहमी रुखसाना ने तत्काल पुलिस को फोन इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौका-मुआयना कर रुखसाना की ओर से तहरीर लेकर छह लोगों के खिलाफ करेली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
करेलाबाग की रहने वाली रुखसाना राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाहों में से एक है। इस हत्याकांड में पूर्व सांसद अतीक अहमद, भाई अशरफ भी नामजद हैं। मामले की सीबीआई जांच कर रही है। शुक्रवार की शाम तीन मोटरसाइकिल पर करीब छह लोग हथियारों से लैस होकर उसके घर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान हमलावर रुखसाना को जान से मार देने की बात कहते रहे। अचानक हुए हमले से रुखसाना के घरवाले हड़बड़ा गए। घर में रखी लाइसेंसी राइफल से मोर्चा संभाल लिया। जवाबी फायरिंग हुई तो हमलावर पीछे हटने लगे। इसी बीच रुखसाना ने एसओ करेली को फोन कर दिया। जब तक पुलिस पहुंचती हमलावर भाग निकले थे।
रुखसाना के दरवाजे पर कारतूस का एक खोखा मिला है। घर के पिछले हिस्से में भी दो गोलियों के निशान मिले हैं। रुखसाना ने पुलिस को बताया कि उसे लगातार धमकाया जा रहा कि अगर उसने गवाही दी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इससे पहले भी उस पर हमला हो चुका है। 2007 में उसके पति का अपहरण भी हो चुका है। उसने कई रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। आज भी दिन में कुछ लोगों ने उसे धमकाया था। रुखसाना राजू पाल के साथ उसी गाड़ी में बैठी थी, जिसमें हमला हुआ था। रुखसाना को भी हमले में गोली लगी थी। इंस्पेक्टर करेली विजय सिंह ने बताया कि मुबारक, शराफत, रियासत, मकबूल, मकसूद, इशरत उर्फ गुड्डू (सभी निवासी बख्शी मोड़, करेली) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।