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जंक्शन पर छापा मारने गई सेल्स टैक्स टीम पर हमला

Sat, 29 Sep 2018 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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जंक्शन पर शुक्रवार सुबह छापा मारने गई सेल्स टैक्स विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। अचानक हुई वारदात से वहां अफरातफरी मच गई। मारपीट के दौरान दोनों पक्षों के एक-एक लोग चोटिल हो गए। सूचना मिली तो जीआरपी पहुंची और दोनों पक्षों को थाने लाई। दोनों ओर से तहरीर दी गई लेकिन, कुछ देर बाद समझौता हो गया।
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घटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 7-8 पर सुबह करीब आठ बजे हुई। नई दिल्ली-मड़ुआडीह सुपरफास्ट ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची। इसी दौरान यहां कुछ लोग अपना पार्सल लेने पहुंचे। वह ट्रेन से पार्सल उतार रहे थे कि तभी वहां सेल्स टैक्स विभाग की टीम पहुंच गई। इसका नेतृत्व डिप्टी कमिश्नर मुकेश सिंह कर रहे थे। टीम में डिप्टी कमिश्नर दीपक सिंह के अलावा एक कैमरामैन भी शामिल था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो टीम के सदस्य पार्सल उतार रहे लोगों से पूछताछ करने लगे। इसी दौरान नोकझोंक होने लगी और फिर पार्सल उतार रहे लोगों ने टीम पर हमला बोल दिया। टीम में शामिल सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इस दौरान कैमरामैन का सिर फट गया। उधर बीचबचाव के दौरान पार्सल उतार रहे लोगों में से एक के सिर में चोट आई। घटना से वहां मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया। उधर सेल्स टैक्स विभाग टीम पर हमले की सूचना मिली तो जीआरपी मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने लाया गया।

थाने पहुंचकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। टीम का आरोप था कि पार्सल से संबंधित जीएसटी के कागजात दिखाने को कहा गया तो उन पर हमला बोल दिया गया। उधर दूसरे पक्ष का आरोप था कि सेल्स टैक्स टीम के सदस्यों ने अकारण ही मारपीट की। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर भी दी गई। हालांकि बाद में उनमें समझौता हो गया। मामले में जीआरपी थाने के प्रभारी इंचार्ज सुधीर पांडे ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। वह मुकदमा दर्ज नहीं कराना चाहते थे।
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...तो पुलिस ने कराया समझौता
सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में जीआरपी ने अहम भूमिका निभाई। दरअसल जिस व्यक्ति का पार्सल दिल्ली से आया था, वह काफी रसूखवाला है। यही वजह रही कि वारदात के बाद भी कार्रवाई की बजाय पुलिस समझौते पर ही जोर देती रही। आखिरकार तहरीर देने के कुछ देर बाद ही दोनों पक्षों ने विचार बदल दिया और आपस में समझौता कर लिया। जबकि पुलिस चाहती तो जंक्शन परिसर में उपद्रव करने के आरोप में कार्रवाई कर सकती थी।
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