अतीक अहमद गैंग से जुड़े माफिया की 10 अरब की जमीन तथा अन्य संपत्ति पर शासन की निगाह है। गैंग के करीबी 40 कारोबारियों की कुंडली खंगाली जा रही है। इनमें अतीक अहमद के परिजन, रिश्तेदारों के अलावा कई मित्र हैं। इन सभी का ब्योरा ब्योरा 15 जनवरी तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके आधार पर अभियान चलाया जाना है। शासन के निर्देश पर माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें इलाहाबाद के अतीक अहमद, वाचस्पति, राजेश यादव सहित आधा दर्जन चिन्हांकित किए गए हैं। इनसे जुड़े माफिया, सहयोगियों के नाम और उनकी संपत्ति तलाशी जा रही है।
पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की टीम ने अब तक सिविल लाइंस, धूमनगंज, करेली, खुल्दाबाद, कैंट, कर्नलगंज, झूंसी, फूलपुर, नैनी इलाकों में अतीक गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियां तलाशी गई हैं। इसमें अभी और जमीनों का खुलासा होने की संभावना है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि कार्रवाई के प्रथम चरण में नोटिस जारी करने के साथ-साथ जमीन सीज की जाएगी। अगले फेज में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी होगी। दस साल पहले भी बसपा शासनकाल में अतीक गैंग से जुड़े लोगों की संपत्ति सीज की गईं थी।
जिले में 63 भूमाफिया के 583 लोगों ने जमीन कब्जाने की शिकायतें डीएम से लेकर एसएसपी, आईजी और एडीजीपी के यहां दर्ज कराईं हैं। इन सभी को भी इसी जांच में शामिल कर लिया गया है। जिनकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। शहर के बाहरी इलाकों में माफिया किसानों केखेत में प्लाटिंग कर रहे हैं। भूमाफिया किसानों तो सर्किल रेट या उसके कुछ अधिक रकम दे देते हैं लेकिन खुद प्लाटिंग कर बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। उनके जरिए बनाई जा रहीं कालोनी अवैध हैं। ऐसी कालोनी धूमनगंज, झूंसी, कैंट, फूलपुर और नैनी क्षेत्र के शहर से लगे इलाकों में बनाई गईं हैं। उनका भी पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर खाका तैयार कर लिया गया है।