इलाहाबाद। मीरापुर के कारोबारी अजय पाल की मंगलवार रात बड़े हनुमान मंदिर जाते वक्त कत्ल की वारदात में पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस को पता चला है कि अजय ने प्रापर्टी डीलिंग और बिल्डिंग के कारोबार में खासी पैठ जमा ली थी। कई जगह उसकी प्रापर्टी थी। ऐसे में पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है कि कत्ल के पीछे किसी प्रापर्टी डीलर से रंजिश तो नहीं। पुलिस ने कारोबारी के उस दोस्त को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है जो मंगलवार रात घटना के वक्त उसके साथ था। पुलिस उसकी भूमिका के बारे में छानबीन कर रही है।
मीरापुर में रहने वाले श्यामलाल पाल के पांच बेटों में बड़े अजय (45) ने पहले अंडे का थोक कारोबार शुरू किया था। मगर इधर कुछ बरसों से उसने प्रापर्टी के व्यवसाय में तेजी से दखल दिया था। उसने मीरापुर और करेली के अलावा सिविल लाइंस, ममफोर्डगंज, नैनी की तरफ से जमीन लेकर फ्लैट बनाकर बेचने का काम शुरू किया था। अंडे के मूल व्यवसाय में उसने अपने छोटे भाइयों को लगा दिया था। मंगलवार रात वह शास्त्री नगर में रहने वाले अपने दोस्त मुकेश कुमार के साथ स्कूटी पर बंधवा हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन को जा रहा था तभी मिटों पार्क से आगे बढ़ने पर उसे गोली मार दी गई।
राहगीरों की मदद से अजय को कार में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया मगर उसकी जान नहीं बची। मुकेश ने बताया कि स्कूटी वही चला रहा था। बाइक पर आए बदमाशों ने स्कूटी पर पीछे बैठे अजय को दो गोली मार दी और भाग गए। अब तक इस हत्याकांड में परिजनों और करीबी लोगों से बातचीत में पुलिस को कत्ल का कोई कारण नहीं मिला और न तो किसी से दुश्मनी के बारे में ही जानकारी मिल सकी। एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि फिलहाल प्रापर्टी की रंजिश पर जांच की जा रही है। अजय के दोस्त से भी पूछताछ की जा रही है। बुधवार को पोस्टमार्टम हुआ तो अजय के शरीर में दो गोलियां मिलीं। अजय की हत्या से परिवार सदमे में है। पत्नी-बच्चे और भाई भारी गम में डूबे हैं।