कचहरी डाकघर में शनिवार को हुए बवाल, मारपीट और आगजनी की घटना के विरोध में आज भी डाक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके अलावा सोमवार को भी कौशाम्बी के साथ शहर और ग्रामीण इलाकों के 550 डाकघर बंद रहे। पासपोर्ट का काम ठप रहा। 66 केंद्रों पर आधार पंजीकरण सेवा भी प्रभावित हुई। हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित होने के साथ लोग परेशान हुए। नाराज कर्मचारियों ने प्रधान डाक घर परिसर में सभा की फिर डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौंपा।
कचहरी डाकघर कांड के विरोध में डाक विभाग की तीन प्रमुख यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी एकजुट हुए। सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर (जीपीओ) में अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ, भारतीय डाक कर्मचारी संघ के साथ डाक सेवक संघ के नेताओं ने आम सभा में सुरक्षा का मुद्दा जोरदारी से उठाया। चार सूत्री प्रस्ताव पारित पर आंदोलन जारी रखने का एलान किया। इसमें डाकघरों में सरकारी संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा, डाक कर्मियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग शामिल है। प्रस्ताव संबंधी ज्ञापन डीएम, एसएसपी, पोस्ट मास्टर जनरल, प्रवर अधीक्षक डाकघर को दिया गया।
सभा की अध्यक्षता जीपी ओझा, राजदेव, ज्ञानधर तिवारी, विद्याभूषण पांडेय ने की। यूनियन नेता आशीष चटर्जी, आरपी सिंह, विश्वजीत, राजेश वर्मा, प्रमोद राय, जेपी यादव, शंखधर सिंह, प्रेम प्रकाश तिवारी, विक्रम सिंह, तुफैल खां, केएन पांडेय, छेदी लाल गुप्ता आदि ने सभा को संबोधित किया। इस मौके पर सैकड़ों डाक कर्मचारी नारेबाजी करते रहे।
डाक कर्मचारियों की हड़ताल से दिन भर लोग परेशान रहे। लेनदेन करने डाकघरों तक पहुंचे लोगों को मायूसी का सामना करना पड़ा। आधार पंजीकरण कराने वाले भी बैरंग लौटे। पासपोर्ट वेरीफिकेशन कराने आए लोगों को अगली तिथि भी नहीं मिल सकी। संभवत: उनका नंबर अब दीपावली के बाद ही आ पाएगा।