पूर्व विधायक पूजा पाल के वकील मिथिलेश कुमार तिवारी को सोमवार रात फोन पर जान से मार देने की धमकी दी गई। फोन करने वाले ने खुद को पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी आबिद प्रधान बताया और कहा कि मुकदमे की बहुत पैरवी कर रहे हो इसलिए तुम्हें जान से हाथ धोना पडे़गा। पूर्व विधायक ने अफसरों को खबर दी तो धूमनगंज थाने की पुलिस वकील के घर पहुंची। उनसे तहरीर लेकर केस लिखने के साथ ही फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया है।
प्रीतम नगर कॉलोनी में रहने वाले अधिवक्ता मिथिलेश कुमार तिवारी ने ही पूर्व विधायक पूजा पाल के लिए राजू पाल हत्याकांड के आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद की जमानत खारिज कराने के लिए पैरवी की थी। राजू पाल हत्याकांड में अतीक की जमानत खारिज हो चुकी है। अब इसी मामले में उनके भाई पूर्व विधायक अशरफ की जमानत खारिज होने के लिए मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे पहले सोमवार रात 10.51 पर मिथिलेश के मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा- मैं आबिद प्रधान बोल रहा हूं। तुम मुकदमे में बहुत पैरवी कर रहे हो।
कल तुमसे मिलता हूं। मुझे तो जेल जाना पड़ सकता है लेकिन तुम्हें जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद फोन कट गया। मिथिलेश ने फौरन पूर्व विधायक पूजा पाल को फोन किया तो उन्होंने एसएसपी आनंद कुलकर्णी को बताया। कुछ देर में धूमनगंज थाना प्रभारी अरुण त्यागी वकील के घर पहुंचे और उनसे मामले की जानकारी ली। मिथिलेश ने आबिद प्रधान को नामजद करते हुए तहरीर दी। सुरक्षा के लिए वकील के घर पर दो हथियारबंद सिपाहियों की तैनाती कर दी गई। जिस नंबर से धमकी दी गई थी वह लगातार बिजी बताता रहा। उसे ट्रेस किया जा रहा है। राजू पाल हत्याकांड के गवाह अधिवक्ता उमेश पाल को भी इसी तरह से कोर्ट और घर पर धमकी दी गई थी तो उन्होंने अतीक-अशरफ के खिलाफ केस दर्ज कराया।