मुंबई में बरामदगी के बाद बृहस्पतिवार दोपहर उतरांव थाने से अगवा की गई युवती शुक्रवार सुबह पुलिस को हंडिया इलाके में मिल गई। पता चला कि उसे मुंबई से आया प्रेमी ही उतरांव थाने से ले गया था। पुलिस ने भारी दबाव बनाया तो परिजनों के फटकारने पर युवती को छोड़कर प्रेमी चला गया।
कटहरा कस्बे की 18 साल की कविता (नाम काल्पनिक) का एक जुलाई को अपहरण हो गया था। अपहरण में कटहरा के ही प्रदीप मौर्या समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि प्रदीप उसे मुंबई ले गया है। दरोगा मदन कुमार ने सिपाहियों के साथ मुंबई जाकर कविता को बरामद कर लिया हालांकि प्रदीप नहीं मिला। पुलिस टीम कविता को लेकर बुधवार को उतरांव थाने पहुंची। यहां उसे मेडिकल टेस्ट कराने के लिए एक महिला सिपाही के हवाले कर दिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर कविता थाने से लापता हो गई। थाने से युवती के अपहरण से पुलिस में खलबली मच गई। कविता के परिवार के लोग भी थाने आकर पुलिस पर गुस्सा उतारने लगे। पुलिस ने प्रदीप के खिलाफ कविता के अपहरण का केस लिखा। आधी रात तक खोजबीन होती रही पर वह मिली नहीं।
पुलिस ने रात में ही प्रदीप के परिवार के लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के दबाव पर परिजनों ने प्रदीप को फोन पर फटकारा और कहा कि वह कविता को छोड़कर चला जाए। पुलिस का यह तरीका काम आ गया। प्रदीप ने शुक्रवार सुबह परिजनों को बताया कि कविता को उसने हंडिया में वासपुर गांव के पास छोड़ दिया है। पुलिस ने वहां से कविता को बरामद कर लिया। वह साड़ी पहने थी। उसकी मांग में सिंदूर था। उसने कहा कि वह घर नहीं जाएगी। वह प्रदीप से शादी कर चुकी है। थानाध्यक्ष गजानंद चौबे ने बताया कि कविता को शहर ले जाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया है। उसे शनिवार को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।